मंझनपुर। परिषदीय स्कूलों में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कायाकल्प के 19 पैरामीटर में जिले के विद्यालय मेज और कुर्सी के कारण खरे नहीं उतर रहे हैं। धीरे-धीरे विभाग इस ओर आगे बढ़ रहा है। अब तक 182 स्कूलों में ही मेज-कुर्सी थी। इस साल 313 अन्य स्कूलों के लिए मेज-कुर्सी की खरीद होगी। इस तरह करीब 495 परिषदीय स्कूलों के बच्चों को भी टाट-पट्टी पर बैठने से निजात मिलेगी।
स्कूलों की दशा सुधारने में कायाकल्प योजना मील का पत्थर साबित हो रही हैै। अब तक तमाम ऐसे विद्यालय बेहतर हो चुके हैं जहां कभी छत का टपकना, बारिश में जलभराव के होेने जैसी अन्य अव्यवस्था देखने को मिलती थी। जिले के 1096 स्कूलों में मात्र 182 में ही मेज-कुर्सी पर बैठने की सुविधा थी।
इस साल शासन ने मेज-कुर्सी की खरीद के लिए 313 नए विद्यालयों का चयन किया है। यहां बच्चों की संख्या के आधार पर मेज-कुर्सी खरीदी जाएगी। फिलहाल जिले के विद्यालयों के नाम का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसके लिए बजट मिलने की संभावना है।
साढ़े आठ हजार में एक मेज-कुर्सी की होगी खरीद
-शासन ने मेज-कुर्सी की खरीद के लिए जिस धनराशि को मंजूरी दी है, उसके अनुसार एक मेज-कुर्सी की खरीद साढ़े आठ हजार रुपये से अधिक नहीं होगी। डीसी निर्माण वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के स्कूलों की सूची छात्रसंख्या के आधार पर भेज दी गई है। बच्चों की संख्या में अभी परिवर्तन होना है। ऐसे में कितनी मेज-कुर्सी की खरीद होनी है इसके लिए दोबारा छात्रसंख्या का सत्यापन किया जा रहा है। जल्द ही सूची भेजकर बजट का आवंटन करा लिया जाएगा।
अभी 601 विद्यालय को मेज-कुर्सी का इंतजार
जिले में 1096 परिषदीय विद्यालय हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए मेज-कुर्सी की खरीद होगी। पहले और दूसरे चरण में 495 स्कूलों के लिए मेज-कुर्सी की खरीद की जा चुकी है। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि शेष बचे 601 स्कूलों के लिए मेज-कुर्सी की खरीद होगी। इसके लिए अभी थोड़ा और इंतजाार करना पड़ेता। अगले सत्र तक सभी स्कूलों में मेज-कुर्सी उपलब्ध करा दिया जाएगा।