गांव की गलियों में घूमते आवारा कुत्ते संवाद
अब गांव की गलियों में आवारा कुत्ते अब नहीं भौकेंगे सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले के 451 ग्राम पंचायतों में स्वान सेल्टर होम बनाकर उन्हें संरक्षित किया जायेगा। जहां पर उनके लिए भोजन, पीने के पानी की व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सुविधा की भी व्यवस्था की जाएगी।
आदमखोर हुए कुत्ते लोगों पर हमला कर रोजाना घायल करते हैं ऐसे में अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने की लिए लोगों की लाइन लगी रहती है। जिले के 451 ग्राम पंचायत में 50 कुत्ते प्रति गांव के अनुपात से करीब 22550 कुत्ते हैं।
सीएमओ डॉक्टर संजय कुमार ने बताया वैक्सीन मेडिकल कॉलेज के अलावा आठ सीएचसी और कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है। ऐसे में आवारा कुत्तों को संरक्षित करने के लिए ग्राम पंचायत में स्वान सेल्टर होम बनाए जाएंगे।
प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल को पत्र भेजकर आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया है। इसमें ग्राम निधि से दो लाख की लागत से सुरक्षित भूमि पर बैरिकेडिंग कर टीन सेट डाल पानी के लिए मिनी सबमर्सिबल स्थापित करने के साथ बड़े हौद बनाए जाएंगे। जिसमें खाने की व्यवस्था और रखरखाव के लिए केयरटेकरों की नियुक्ति होगी।
नजदीकी अस्पताल के पशु-चिकित्सक पर कुत्तों के स्वास्थ्य की देखभाल की जिम्मेदारी रहेगी। जिसमें समय-समय पर वैक्सीन लगाने के साथ बीमार होने पर इलाज किया जाएगा।
गांव की गलियों में घूमते आवारा कुत्ते संवाद
गांव की गलियों में घूमते आवारा कुत्ते संवाद