मंझनपुर (ब्यूरो)। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरसवां में तैनात महिला चिकित्सक ने लापरवाही की हद कर दी है। आरोप है कि उन्होंने दुराचार पीड़िता का मेडिकल कराने गए दरोगा को यह कहकर बैरंग वापस कर दिया कि कल आइएगा, मुझे अब घर जाना है। इससे नाराज दरोगा ने इसकी शिकायत सीएमओ समेत अन्य अफसरों से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने लापरवाह चिकित्सक को कड़ी फटकार लगाई है।
कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।
महेवाघाट थाने में तैनात दरोगा अयोध्या प्रसाद ने सीएमओ को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि नौ जून को वह महिला सिपाही के साथ एक दुराचार पीड़िता को लेकर मेडिकल कराने सरसवां सीएचसी गए थे। आरोप है कि पूरे दिन इंतजार करने के बाद शाम को सात बजे महिला डॉक्टर प्रीतिमा सिंह अस्पताल आईं। इसके बाद दरोगा, रेप पीड़िता को कल आने के लिए कहकर अपने घर चली गईं। दरोगा की मानें तो इसकी वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इतना ही दुराचार की शिकार युवती भी मेडिकल नहीं होने से परेशान रही। डॉक्टर की मनमानी से खफा दरोगा ने इसकी शिकायत सीएमओ के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों से की। महिला चिकित्सक की इस मनमानी को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ राजकुमार मिश्र ने उसे जमकर फटकार लगाई है। सीएमओ ने बताया कि लापरवाह डॉक्टर को चेतावनी दे दी गई है। दोबारा से ऐसी लापरवाही सामने आई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने इस लापरवाही की सूचना आला अफसरों को भी दे दी है। इसे लेकर महिला चिकित्सक के होश उड़े हैं। बतादें कि जिले भर के सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक मनमानी की हद पार कर चुके हैं। आए दिन इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है। अफसर कार्रवाई भी करते हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों का रवैया सुधर नहीं रहा है। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि अब वह चेतावनी देकर थक चुके हैं। आगे से शिकायत मिलने पर डॉक्टरों के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।