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अब ईडी भी करेगी अवैध बालू खनन की जांच

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अब ईडी भी करेगी अवैध बालू खनन की जांच
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वर्ष 2011 से 2016 के बीच हुए बालू खनन के मांगे गए दस्तावेज
प्रवर्तन निदेशालय का पत्र मिलने के बाद अभिलेख जुटा रहा खनन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दोआबा में वर्ष 2011 से 2016 तक हुए यमुना बालू के अवैध खनन की जांच सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय भी करेगा। इसके लिए ईडी ने खनन विभाग से जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय का पत्र मिलने के बाद खनन विभाग में पत्रावलियां जुटाई जा रही हैं। इसे लेकर बालू कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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कौशाम्बी में अवैध बालू खनन की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। तीन साल के दौरान कई मर्तबा सीबीआई की टीम जिले में डेरा डालकर गहन पड़ताल कर चुकी है। इस मामले में तत्कालीन खनन अधिकारी के साथ ही कई बालू माफियाओं के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर भी दर्ज करा रखी है। सीबीआई की संभावित कार्रवाई को लेकर अवैध खनन से जुडे अफसर और बालू कारोबारी हर वक्त आशंकित रहते हैं। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय के एक पत्र ने हड़ंकंप मचा दिया। ईडी की उप निदेशक शालिनी शर्मा ने पिछले हफ्ते जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में वर्ष 2011 से 2016 के बीच हुए बालू खनन से जुडे सभी दस्तावेज मांगा है। पत्र में उस अवधि के दौरान आवंटित किए गए सभी पट्टों की संपूर्ण फाइल (टिप्प्णी सीटों सहित) की छाया प्रति जल्द से जल्द मुहैया कराने को कहा गया है। साथ ही इन सभी पटटों में जारी किए गए एमएम-11 बुकों की संख्या, वाहन का प्रकार एवं बालू खनन की मात्रा का विवरण भी मांगा है। इतना ही नहीं, अवैध खनन की जानकारी एवं अवैध खनन को लेकर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई, अवैध खनन से जुडे व्यक्तियों का नाम, पते का भी व्यौरा तलब किया है। माना जा रहा है कि इतनी सारी जानकारियां जुटाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी अपने स्तर से कौशाम्बी में हुए अवैध खनन की जांच करेगा। इसे लेकर बालू माफियाओं में खलबली मच गई है।
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