प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। शासन की ओर से गांव के ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की योजना है। इसके लिए जनपद की 451 में से 324 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की हरी झंडी मिलने के बाद युवा अपने ही गांव में तैयारी कर सकेंगे।
सरकार ऑनलाइन शिक्षा को लगातार बढ़ावा दे रही है। यही कारण है कि स्नातक स्तर के बच्चों को शासन की तरफ से लगातार स्मार्टफोन और टैबलेट मुहैया कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गांव के छात्र-छात्राओं की सहूलियत के लिए एक और कवायद शुरू की जा रही है। अब गांव-गांव पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। शासन का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, इंटरनेट व कंप्यूटर के अभाव के चलते छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। ग्राम सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था होने से उनकी यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। वहां इनवर्टर की व्यवस्था होने से बिजली का संकट भी नहीं रहेगा। पहले चरण में पंचायती राज विभाग ने जिले की 324 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोले जाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब शासन की हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
लाइब्रेरी में रहेगी ये व्यवस्था
लाइब्रेरी में कई तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसमें दीवारों पर थीम आधारित पेंटिंग के साथ ही कंप्यूटर की व्यवस्था की जाएगी। एक साथ 10 लोगों के बैठने के लिए कुर्सी-टेबल की भी व्यवस्था रहेगी, वहीं, इस लाइब्रेरी में हिंदी व अंग्रेजी भाषा के अखबार भी पढ़ने को मिलेंगे। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वाली मैगजीन के साथ ही साहित्य, कहानी और नाटक आदि की किताबें भी उपलब्ध रहेंगी।
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मंझनपुर में राजकीय लाइब्रेरी तैयार, टास्क फोर्स की रिपोर्ट का इंतजार
फोटो नं-27
मंझनपुर। मुख्यालय के करारी रोड स्थित टेंपो स्टैंड के बगल से होकर जाने वाले मार्ग में तकरीबन 67 लाख रुपये की लागत से राजकीय लाइब्रेरी का भवन बनकर तैयार हो गया है। भवन की गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टास्क फोर्स गठित की है। डीआईओएस डॉ. सच्चिदानंद यादव ने बताया कि टीम में शामिल एक्सईएन आरईडी, डीपीआरओ, डायट प्राचार्य ने इसकी जांच कर ली है। अब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही राजकीय लाइब्रेरी के संचालन को लेकर तैयारी शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि इसी माह से लाइब्रेरी का संचालन प्रारंभ हो जाए। संवाद
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वर्जन
डिजिटल लाइब्रेरी के लिए शासन ने तीन अथवा इससे अधिक कमरे वाली पंचायत भवनों की सूचना मांगी थी। जिले में ऐसी 324 ग्राम पंचायतें तलाश कर सूची शासन को भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।अनिल सिंह, डीपीआरओ