वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लेकर जिले में अब तक कुल 6282 व्यापारियों को बिक्री और खरीद में भिन्नता पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया है। इस दौरान करीब 65 लाख रुपये का टैक्स भी वसूला गया।
वस्तु एवं सेवाकर विभाग में वित्तीय वर्ष 2017-18 व 18-19 के मामले निस्तारित किए जा रहे हैं। इस दौरान खरीद और बिक्री में अंतर मिलने के कारण राज्य कर विभाग ने साल 2017-18 के 3,564 व 18-19 के 2,718 समेत कुल 6282 फर्माें की सूची जनपद कार्यालय को भेजी है। इन फर्म के व्यापारियों को नोटिस भेज कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया।
राज्य कर अधिकारी रुचि अग्रवाल ने बताया कि रिटर्न में बिक्री ज्यादा और टैक्स कम जमा करने के साथ ही खरीद और बिक्री को शून्य दिखाने वाले व्यापारियों को नोटिस भेजी गई है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में ज्यादा दावा कर लिया, रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) से माल खरीद की, लेकिन टैक्स नहीं दिया।
नोटिस जारी करने के साथ ही अब तक जीएसटी वर्ष 2017-18 के व्यापारियों से 29.65 लाख व 2018-19 के व्यापारियों से 35.75 लाख समेत कुल 65.40 लाख रुपये टैक्स जमा कराया जा चुका है। दोनों वर्षों में जारी नोटिस के सापेक्ष अब तक लगभग चार हजार से अधिक व्यापारियों के अभिलेख दुरुस्त मिले हैं।
खरीद-बिक्री के कर सही जमा होने पर जांच के बाद उन्हें दायरे से बाहर कर दिया गया है। शेष व्यापारियों में खरीद-बिक्री में कर की जांच की जा रही है।