मंझनपुर/सिराथू। केेंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु से भी कौशाम्बी के लोगों को कोई प्रसाद नहीं मिला। बृहस्पतिवार को उनके द्वारा पेश किए गए रेल बजट से यहां के लोग निराश हैं। क्योंकि इस बार यहां के लोगों को मोदी सरकार के रेल बजट से कौशाम्बी के लिए अच्छे दिन आने की उम्मीद थी। उन्हें भरोसा था कि रेलमंत्री कौशाम्बी जिला मुख्यालय के नजदीकी रेलवे स्टेशन भरवारी या सिराथू में से किसी एक को जिलास्तरीय स्टेशन का दर्जा देकर यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करेंगे। पर, बजट सुनते ही लोगों को बड़ा धक्का लगा है। हालांकि लोगों ने महिला सुरक्षा के नए इंतजामों की घोषणा पर खुशी जाहिर की है।
बता दें कि इलाहाबाद का हिस्सा रहा कौशाम्बी चार अप्रैल 1997 को नया जिला बनाया गया था। करीब 18 साल बीतने के बाद भी कौशाम्बी का जिला मुख्यालय मंझनपुर अब भी रेलमार्ग से जुड़ नहीं सका है। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर भरवारी और 15 किलोमीटर दूर सिराथ स्टेशन हैं। ये दोनों स्टेशन दिल्ली-हावड़ा जैसे मुख्यमार्ग पर हैं। हालांकि इन स्टेशनों पर ज्यादातर ट्रेन बगैर रुके ही निकल जाती हैं। इससे कौशाम्बी के लोगों को दिल्ली अथवा हावड़ा की तरफ जाने वाली ट्रेनों में सवार होने के लिए इलाहाबाद अथवा फतेहपुर जाना पड़ता है।
जबकि जिला बनने के बाद से ही यहां के लोग सिराथू अथवा भरवारी को जिलास्तरीय स्टेशन बनाने की मांग करते रहे हैं। साथ ही लोगों की मांग है कि सिराथू स्टेशन पर सभी लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव हो, ताकि इसका लाभ यहां के लोगों को मिल सके। इस बार लोगों को उम्मीद थी कि कौशाम्बी से केंद्र की सत्ताधारी दल का सांसद है। ऐसे में मोदी सरकार के इस पहले रेल बजट के माध्यम से कौशाम्बी के लिए अच्छे दिन का प्रसाद प्रभु की झोली से जरूर निकलेगा। पर, रेलबजट सुनते ही लोग निराश हो गए। सिराथू कस्बे के राकेश सिंह पटेल ने कहा कि रेलबजट ने कौशाम्बी को निराश ही किया है।
कहा कि सिराथू स्टेशन का विकास, ट्रेनों के ठहराव और ओवरब्रिज जरूरी है। बनपुकरा निवासी पोंटी का कहना है कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाए जाने के लिए रेलमंत्री ने कुछ नहीं किया गया है। वहीं सिराथू निवासी शीतला प्रसाद सिंह उर्फ पप्पू ने रेल बजट की सराहना की है। कहा है कि सिराथू रेलवे स्टेशन की भले ही उपेक्षा हुई है, लेकिन सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए सबसे कारगर कदम उठाने की घोषणा की है। अब ट्रेन ने महिलाएं सुरक्षित तरीके से सफर कर सकेंगी। सैनी की रहने वाली शिक्षिका सोनी गुप्ता ने भी महिला सुरक्षा के लिए कोच में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ वाकी-टाकी जैसे अत्याधुनिक संचार सुविधा उपलब्ध कराने को सराहनीय कदम बताया है।