जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर अगियौना गांव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से करीब छह हजार की आबादी परेशान है। 15 साल से सड़क की मरम्मत नहीं हुई। गांव के 40 फीसदी हैंडपंप खराब हैं और 70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा उखड़ा खड़ंजा, क्षतिग्रस्त नालियां और गंदगी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रही है।
सदर ब्लॉक के अगियौना गांव के मजरे सराय सैयद अलीपुर बस्ती में भी रास्तों की हालत खराब है। मंजर अब्बास के घर से छोटे लाल यादव के घर तक करीब 1200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण 15 साल पहले मंडी परिषद ने कराया था। इसके बाद मरम्मत नहीं हुई। सड़क पर जगह-जगह एक से डेढ़ फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। दलित बस्ती में कई स्थानों पर खड़ंजा उखड़ा है।
ग्राम प्रधान संदीप चौधरी ने बताया कि जल निगम ने पाइपलाइन बिछाने के लिए रास्तों की खोदाई कराई थी। काम पूरा होने के बाद खड़ंजा दोबारा नहीं लगाया गया। गांव के करीब 108 हैंडपंपों में 40 फीसदी खराब हैं। लगभग 70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं। सफाई के लिए दो कर्मचारी तैनात हैं लेकिन एक कर्मचारी के अक्सर ब्लॉक से संबद्ध रहने से व्यवस्था प्रभावित होती है। स्वास्थ्य उपकेंद्र का सरकारी भवन भी तीन साल से अधूरा था। अब निर्माण दोबारा शुरू हुआ है।
-वर्जन-
गांव की मुख्य सड़क 15 साल से बदहाल है। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसी मार्ग से जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। जिम्मेदारों को सड़क की मरम्मत करानी चाहिए।
मंजर अब्बास, ग्रामीण
गांव में सड़क और खड़ंजे की हालत खराब है। पाइपलाइन डालने के लिए खोदे गए रास्तों को ठीक से दुरुस्त नहीं कराया गया। कई हैंडपंप खराब हैं और स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हैं। नालियों की मरम्मत और नियमित सफाई की भी जरूरत है।
सुगालाल, ग्रामीण
वर्जन:: गांव में सड़क मंडी की तरफ से बनाई गई थी। इसलिए उनकी जिम्मेदारी उनके विभाग की नहीं है। बाकि पेयजल, सफाई और रोशनी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
केके मिश्रा, एडीओ पंचायत
मंजर अब्बास- फोटो : katra news
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