जुर्माने का डर न जिदंगी का, भर रहे फर्राटा
तीन सवारी बैठाकर बगैर हेलमेट के सड़कों पर कर रहे सफर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। तेजी के साथ बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने भले ही वाहन चालकों पर भारी जुर्माना लगाने का फरमान जारी कर दिया हो। पर,दोआबा के लोग इससे बेखबर हैं। यहां सामान्य नागरिक हो या फिर सरकारी कर्मचारी, अधिकांश लोग अब बिना हेलमेट के फर्राटा भर रहे हैं। उन्हें न तो भारी जुर्माना भरने का डर है और न ही जिदंगी की परवाह। खुद पर अतिविश्वास के साथ फर्राटे भरते सड़कों पर दिख रहे हैं। रविवार को जिला मुख्यालय मंझनपुर के प्रमुख चौराहे पर ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला।
सड़कों पर कैसे चलें कि जीवन सुरक्षित रहे, इसके लिए यातायात माह और जागरूकता अभियान चलाने का असर नहीं दिखा तो सरकार ने सख्त कदम उठाया। लापरवाही और नियमों के विपरीत वाहन चलाने पर जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ा दी गई। लेकिन इसका भी खास असर नहीं दिख रहा है। देखा जा रहा है कि जो लोग नियम-कानून को दरकिनार कर सड़कों पर फर्राटा भरते हैं वो जुर्माना बढ़ाने पर सरकार को कोस रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी सरकार के विरोध में टिप्पणियों की बाढ़ है। कुछ लोग दलील दे रहे हैं कि भारी जुर्माने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। अमर उजाला ने रविवार को जिला मुख्यालय मंझनपुर के प्रमुख चौराहे से गुजरने वाले ज्यादातर वाहन चालकों को जुर्माने का कोई खौफ नहीं दिखा। लोग बैखौफ होकर तीन सवारी के साथ बगैर हेलमेट के सड़क पर फर्राटा भरते दिखे। 100 में 75 लोग बिना हेलमेट के ही निकल रहे हैं। जो काफी संजीदा हैं वही हेलमेट पहन रहे हैं। युवा तो हेलमेट को स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्ट्रेट व विकास भवन के सरकारी कर्मचारियों को भी बगैर हेलमेट निकलते देखा गया।
पुलिस वाले भी दिखे बगैर हेलमेट
मंझनपुर। आम लोगों को तो छोड़िए पुलिस भी यातायात के नियमों को दरकिनार कर रही है। कई पुलिस कर्मी बिना हेलमेट के ही बाइक चला रहे हैं। हद तो यह है कि पुलिस आफिस तक में बिना हेलमेट के जा रहे हैं। अब पुलिस ही नहीं मानेगी तो औरों पर क्या असर पड़ेगा।
कौशाम्बी में सीट बेल्ट लगाने का चलन ही नहीं
मंझनपुर। कौशाम्बी में सीट बेल्ट लगाकर ड्राइव करते कोई मिल जाए तो बड़ी बात है। कार चलाने वाले ही कहते हैं कि कौशाम्बी छोडने के बाद प्रयागराज या फिर लखनऊ, कानपुर जाने पर शहर में प्रवेश करने पर सील्ट बेल्ट लगाते हैं। यहां सीट बेल्ट की क्या जरूरत है।
इनका कहना है
वाहन संचालन में नियमों का पालन कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है। अभी पूर्व में तय जुर्माना ही लगाया जा रहा है। हर दिन औसतन 25 से 50 वाहनों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई भी की जा रही है। यातायात नियमों का पालन हर हाल में करना होगा।
शंकर जी सिंह, एआरटीओ
केंद्र सरकार की ओर से जुर्माना बढ़ाने के फैसले को अभी जिले में लागू नहीं किया गया है। यातायात नियमों के लिए जांच की जा रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और चालान भी हो रहे हैं। नियमों का पालन सख्ती से कराने की कोशिश की जा रही है। इस महीने अब तक 70 वाहनों का चालान किया जा चुका है।
रवींद्र त्रिपाठी, यातायात निरीक्षक