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ओहदा नगर पालिका का और सुविधाएं गांव से भी बदतर

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no arrangements in nagarpalika - फोटो : KAUSHAMBI
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ओहदा नगर पालिका का और सुविधाएं गांव से भी बदतर
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नालियां टूटीं, जगह-जगह पर गंदगी, कूड़ा निस्तारण के साथ मच्छरों से निपटने का भी इंतजाम नहीं
भरवारी। नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बावजूद भरवारी में सुविधाओं का टोटा है। यहां के बाशिंदे मूलभूत जरूरतों के लिए तरस रहे हैं। बिजली, पानी, सड़क और खड़ंजा जैसी व्यवस्थाएं भी नहीं की गई हैं। इसे लेकर नागरिकों में गुस्सा है। हालांकि, पालिका परिषद प्रशासन को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से कोई खुला विरोध नहीं कर रहा है।
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दोआबा की भरवारी नगर पंचायत को करीब डेढ़ साल पहले योगी सरकार ने नगर पालिका परिषद का दर्जा दे दिया। इसके बाद लोगों में उम्मीद जगी कि अब तस्वीर बदल जाएगी। कम से कम मूलभूत सुविधाओं का इंतजार तो खत्म ही होगी। अफसोस कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने भरवारी में व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो सबकुछ गड़बड़ ही मिला। इंद्रानगर की नालियां ध्वस्त हो चुकी हैं। लिहाजा गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है। ऐसे में आने-जाने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी वार्ड की एक सड़क में सफाई नहीं होने के कारण इतनी गंदगी हो गई है कि नागरिकों ने उधर से गुजरना छोड़ दिया है। कूड़ा निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। नगर पालिका परिषद कर्मचारी बस्ती के बीच कूड़ा फेंककर उसमें आग लगा देते हैं। इससे निकलने वाला धुआं बीमारियों को दावत देता है। नाला-नालियों के साथ जगह-जगह सड़कें भी ध्वस्त हो गई हैं। आवागमन के दौरान अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। नियमित तरीके से सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पानी टंकी में ब्लीचिंग पाउडर नहीं डाला जाता। जिसके चलते लोगों के घरों में दूषित पेयजल की आपूर्ति होती है। मच्छरों का आतंक होने के बाद भी फागिंग नहीं कराई जाती है। बिजली के तार जर्जर होकर कई जगह हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं। रोस्टर के हिसाब से लाइट की आपूर्ति भी नहीं की जाती है। कई बार समय से पेयजल की आपूर्ति भी नहीं होती। नगरवासियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यहां समस्याओं की लंबी श्रंखला है। नागरिकों का यह भी कहना था कि अव्यवस्थाओं की शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई। पर, ध्यान देने को कोई तैयार नहीं हुआ।
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