मंझनपुर। शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की जघन्य हत्या को लेकर कौशाम्बी के भी मीडियाकर्मियों में जबरदस्त आक्रोश है। मंगलवार को सड़क पर उतरे जिलेभर के पत्रकारों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बांह में काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतरे पत्रकारों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रभारी डीएम को दिया। इसमें आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजे की मांग की गई। अनदेखी पर पत्रकारों ने आंदोलन की धमकी भी दी।
बता दें कि शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह को घर के भीतर ही जला दिया गया। गंभीररूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में आरोप है कि प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा के इशारे पर जलाकर पुलिसकर्मियों ने उसकी जान ली है। पत्रकार की इस बर्बरता से की गई हत्या को लेकर प्रदेशभर के पत्रकारों में आक्रोश है। इसीक्रम में मंगलवार को मंझनपुर के भी पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रेस क्लब कौशाम्बी के बैनर तले मंझनपुर ब्लाक परिसर में जुटे पत्रकार बांह में काली पट्टी बांधकर कस्बे में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाइक जुलूस निकाला। हाथ में नारे लिखी तख्तियां लेकर मंझनपुर तहसील पहुंचे पत्रकारों ने तहसील दिवस पर भी हुंकार भरी। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रभारी डीएम सुरेंद्र कुमार को दिया।
इसमें आरोपी मंत्री को बर्खास्त करने, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने और पत्रकार के परिजनों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। अनदेखी पर पत्रकारों ने पूरे जिले में जोरदार आंदोलन की चेतावनी भी दी। प्रेस क्लब के अध्यक्ष रमेशचंद्र अकेला ने कहाकि पत्रकार को जलाकर मार डालने की घटना बर्बरता पूर्ण कार्रवाई है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहाकि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है। पत्रकार चुप होकर बैठने वाले नहीं हैं। इस मौके पर योगेंद्र सिंह, कमल मिश्रा, सुनील सिंह राठौर, किशोरमणि मिश्रा, बृजेश कुमार गौतम, रवींद्र अग्रहरि, मनोज कुमार दूबे, राजीव सिंह, प्रदीप सिंह, सुशील केसरवानी, श्रवण कुमार, अभिसार, हिमांशु भट्ट, अरसद, धारा सिंह यादव, जीतेंद्र पांडेय, शैलेंद्र द्विवेदी, नीरज कुमार, अजय भारतीय, पंकज केसरवानी, अरविंद तिवारी, अशोक केसरवानी, नीरज साहू आदि मौजूद रहे।