प्राथमिक विद्यालय खंदेवरा में निपुण आकलन करते प्रशिक्षु। स्रोत- शिक्षक
जिले के परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के तहत निपुण आकलन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरी प्रक्रिया छह चरणों में पूरी होगी। जिले के 1097 परिषदीय विद्यालयों में से चयनित 918 विद्यालयों का आकलन किया जाना है। आकलन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रशिक्षुओं को सौंपी गई है। पहले दिन 74 टीमों ने चार ब्लॉक के 148 स्कूलों का आकलन किया।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का हिंदी और गणित विषय में दक्षता का आकलन हो रहा है। यह मूल्यांकन पूरी तरह ऑनलाइन है। आकलन के माध्यम से यह जाना जाएगा कि बच्चे अपेक्षित निपुणता मानकों को समझ रहे हैं या फिर इनमें और सुधार की जरूरत है।
डायट प्राचार्य निधि शुक्ला ने बताया कि आकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षुओं को पूर्व में प्रशिक्षण दिया गया है। सभी चयनित विद्यालयों में क्रमवार डायट प्रशिक्षु पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुसार आकलन कर रहे हैं।
निपुण आकलन के नोडल अधिकारी धीरज यादव ने बताया कि इसमें बच्चों के पढ़ने, लेखन और गणना क्षमता का परीक्षण किया गया। जो सीधे एप पर अपलोड कर दिया गया है।