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गरजते बादल देख सहमे किसान

Sun, 05 Apr 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर/बिसारा। कौशाम्बी में एक बार फिर मौसम का मिजाज देख किसान सहम गए हैं। दिनभर आसमान में बादल गरजते रहे। रुक-रुककर बूंदाबांदी भी हुई। वहीं दिनभर तेज पुरवा भी चलती रही। मौसम का यह रूप देख अन्नदाताओं की रूह कांप गई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पहले ही तबाह हो चुके किसान दिनभर खेतों में अपनी बची हुई कमाई समेटने में लगे रहे।
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बता दें कि दो साल से मौसम की मार से किसान तबाह हो रहे हैं। पिछले साल भी गेहूं, आलू की फसल तैयार होने के समय बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि से जबरदस्त नुकसान हुआ था। वहीं मानसून के समय बारिश नहीं होने से धान की खेती भी चौपट हुई थी। वहीं इस बार भी गेहूं, आलू, सरसों की फसल तैयार होते ही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर शुरू हो गया है।

मार्च के महीने में दो बार हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, आलू, सरसों, जौ, अरहर, मसूर आदि की 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है। तेज हवाओं के साथ हुई भीषण बरसात में गेहूं की फसलें गिरी हैं। इससे दाने कमजोर हो चुके हैं। वहीं खेतों में पानीभर जाने से आलू सड़ा है। इधर, धूप होने पर किसानों को लगा था कि गिरने से जो फसलें खेतों में बची हैं, उससे कुछ तो पैदावार हो जाएगी।
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पर, रविवार की सुबह एकाएक मौसम फिर खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ आसमान में डरावने काले बादल दिनभर छाए रहे। बादल जहां दिनभर गरजते-चमकते रहे। वहीं रुक-रुककर तीन बार बूंदाबांदी भी हुई। मौसम का यह रूप देखकर अन्नदाताओं की रूह कांप गई। डरे सहमे किसान दिनभर मौसम की मार से बची अपनी फसल समेटने में लगे रहे। सिराथू के भगवां गांव निवासी संतोष मिश्र, बिसारा गांव के किसान रामभवन, अंगद प्रसाद, अश्विनी आदि ने बताया कि अब यदि बारिश और ओलावृष्टि हुई तो किसानों का सत्यानाश होना पक्का है। क्योंकि पहले ही मौसम की मार से 50-70 फीसदी तक फसलों की बर्बादी हो चुकी है।

मौसम की मार से तबाह हुए किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता नौ अप्रैल को जिला मुख्यालय मंझनपुर में प्रदर्शन करेंगे। रविवार को भाकियू की मंझनपुर में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि बेमौसम की बारिश से किसानों की गेहूं, आलू, सरसों समेत रबी के सीजन की सभी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। फिर भी अब तक किसानों को मुआवजे के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार तनिक भी गंभीरता नहीं दिखा रखी है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के लिए भाजपा नेता जीतेंद्र सोनकर ने शत-प्रतिशत मुआवजे की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। रविवार को सिराथू में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि मार्च महीने में भीषण बारिश और ओले गिरने से जिले के ज्यादातर किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी हैं। उन्हें खेती में किया गया खर्च भी निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं मौसम का रूख अब भी किसानों का दुश्मन बना है। ऐसे में प्रदेश सरकार की अनदेखी के कारण ही किसान मौत को गले लगा रहे हैं।
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