मंझनपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए ही नहीं, उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए भी कटिबद्ध है। कर्मचारियों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। इसके लिए आंदोलन होगा। यह बातें रविवार को विकास भवन के सभागार में आयोजित परिषद के वार्षिक अधिवेशन में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कही। उन्होंने कर्मचारियों से अगले वर्ष ऐसे ही एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को भी कहा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वार्षिक अधिवेशन में कर्मचारी नेताओं ने एक-एक कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की। प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि राज्य कर्मचारी किसी भी मायने में केंद्रीय कर्मचारियों से कम काम नहीं करते हैं। इसके बाद भी उन्हें वे सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो केंद्रीय कर्मचारियों को दी जाती हैं। हुंकार भरी कि अब यह सौतेलापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि कर्मचारियों का यह संगठन सिर्फ समस्याओं के समाधान के लिए ही नहीं गठित है।
यह कर्मचारियों के हितों और उनके सम्मान को दिलाने का उत्तरदायित्व भी निभाता है। कहा कि कर्मचारियों के मान-सम्मान और उनके अधिकारियों को दिलाने के लिए जल्द ही संगठन आंदोलन की तैयारी में है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से वर्ष 2016 में एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया। वार्षिक अधिवेशन में अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की।
इन दिक्कतों के दूर कराने के लिए संघर्ष की हुंकार भरी। अधिवेशन में प्रांतीय अधिकारियों की मौजूदगी में जिले की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें मोतीलाल सिंह को अध्यक्ष, संग्राम सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रमेश कुमार सिंह को महामंत्री, विश्वबंधु को संप्रेक्षक चुना गया। इस मौके पर सीडीओ भोलानाथ मिश्र बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इसके अलावा अतुल मिश्र, पीके सिंह, वीरेंद्र कुमार द्विेदी, जीतेंद्र बहादुर सिंह, विनोद कुमार पांडेय, एके शुक्ला आदि भी उपस्थित रहे।