प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल की नई समय सारिणी को लेकर शिक्षकों ने आक्रोश जताया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बैठक करके कहाकि गर्मी में स्कूल का जो समय निर्धारित किया गया है। वह बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक है। संगठन ने सोमवार को इस संदर्भ में डीएम और बीएसए को ज्ञापन देने का ऐलान किया है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मंझनपुर में हुई बैठक में 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षासत्र के दौरान स्कूल के खुलने-बंद होने के समय में किए गए परिवर्तन का मुद्दा छाया रहा। संघ के मंडल अध्यक्ष नजर मोहम्मद ने कहाकि गर्मी के मौसम में पहले सुबह 7 बजे से स्कूल खोला जाता था। पर, नए शिक्षासत्र में स्कूल खोलने का समय 9 बजे कर दिया गया है। उन्होंने कहाकि अप्रैल मई में भीषण गर्मी शुरू हो जाती है। सुबह 8 बजे से ही धूप चटकने लगती है। ऐसे में नौ बजे से स्कूल खोलने का समय निर्धारित करना छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। कहाकि गर्मी और धूप में बच्चे बेहाल हो जाएंगे।
उनकी तबीयत खराब हो सकती है। बैठक में इस नई समयसारिणी के विरोध का निर्णय लिया गया। साथ ही नई समय सारिणी को बदले जाने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षाधिकारी को ज्ञापन देने का भी ऐलान हुआ। वहीं बैठक में अंतर्जनपदीय शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति पर भी चर्चा की गई। साथ ही शिक्षामित्र से शिक्षक बने अध्यापकों को सात महीने बाद भी वेतन भुगतान नहीं किए जाने पर गुस्सा जताया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय कुमार पांडेय, श्रीकांत, भारत सिंह, प्रेम नारायण त्रिपाठी, वीरेंद्र शंकर, शशिकला त्रिपाठी, अशोक कुमार मिश्र, राधेश्याम विश्वकर्मा, उमा किशोर, मोमीश सिद्दीकी, कमलेश त्रिपाठी, अवधराज, राम लोचन, विजय सिंह, रोशनलाल आदि मौजूद रहे।