इलाहाबाद कचहरी में हुए अधिवक्ता नबी अहमद हत्याकांड को लेकर जिलेभर के वकीलों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी जिला मुख्यालय और तीनों तहसील के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किए रखा। वहीं चायल में तो वकीलों ने प्रदर्शन के साथ ही तहसील के सभी कार्यालय को भी बंद कराए रखा। वहीं मंझनपुर में हुई अधिवक्ताओं की बैठक में ऐलान किया गया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती है, उनका यह आंदोलन चलता रहेगा।
इलाहाबाद के अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या को लेकर 15 दिनों से जिलेभर के वकील न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं।
वकीलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। वहीं जिला मुख्यालय कौशाम्बी के वकीलों ने कचहरी परिसर में बैठक करके तय किया कि जब तक वकीलों की मांग सरकार पूरी नहीं करती है। उनका यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। वकीलों ने मृतक वकील के परिजन को 50 लाख मुआवजा, घटना को लेकर इलाहाबाद के वकीलों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और इलाहाबाद के डीएम और एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।