सड़क हादसे में फतेहपुर सहाबपुर गांव के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत से दूसरे दिन भी पूरे गांव में मातम पसरा रहा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद गम और गुस्से के बीच फतेहपुर गंगाघाट में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जहां पीड़ित परिवार के लोगों के आंसू नहीं रुक रहे थे वहीं वे अपनों की जिंदगी छीनने वाले रईशजादों को कोसते रहे। संवेदना जताने के लिए पीड़ित परिवार के घर दिन भर जनप्रतिनिधियों और परिचितों का तांता लगा रहा।
बता दें कि पिपरी थाने के फतेहपुर सहाबपुर गांव की पूजा देवी, उसकी मां शिवकन्या, भाई विजय कुमार और चाची रामकली को रविवार की दोपहर बेकाबू कार ने कुचल दिया था। सभी लोग पूजा का उसके पति से चल रहे झगड़े को खत्म कराने के लिए बुुलाई गई पंचायत में जाने के लिए घर से निकले थे। सड़क किनारे बैठकर वाहन के इंतजार के दौरान काल बनकर आई कार ने चारों को रौंद दिया था। हादसे में हुई एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरा गांव दुखी है। पीड़ित परिवार के सदस्यों का तो रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतकों का शव घर आते ही परिजन दहाड़ मारकर रो पड़े। पिता सुखराम कभी बेटी की लाश से लिपटकर रो रहा था तो कभी पत्नी और बेटे के शव को देखते हुए आंसू बहा रहा था।
घर के अन्य सदस्यों की भी कमोवेश यही हालत थी। पीड़ित परिवार के सदस्यों को दहाड़ें मारकर रोते देख ग्रामीण और सांत्वना देने को पहुंचे लोग भी अपने आंसू संभाल नहीं पा रहे थे। रिश्तेदारों और करीबियों के लिए मृतकों के परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था। ढांढस बंधाने वाले पीड़ितों की हालत देख खुद फूट-फूटकर रो पड़े। गम के साथ लोगों में कार सवारों के प्रति गुस्सा भी देखने को मिला। हर कोई रईशजादों को कोस रहा था। पुलिस ने कार से रौंदकर 4 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले चालक की तलाश में रात में दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं लगा।