सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के खिजिरपुर कैलई उर्फ इमलीगांव में मंगलवार सुबह मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। एक नवजात शिशु को बोरी में भरकर घूर में फेंक दिया। शिशु के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और इसकी पुलिस को सूचना दी।
इमलीगांव निवासी अश्वनी कुमार सुबह समया माता मंदिर के पास बगीचे में लकड़ी काट रहे थे। तभी घूर की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक बोरी हिल रही थी। पिता अवधेश के साथ बोरी खोलने पर उसमें कपड़े में लिपटा नवजात शिशु मिला।
सूचना पर पहुंची भगवानपुर चौकी पुलिस ने एंबुलेंस से शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। डॉक्टरों ने शिशु का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में नवजात को चाइल्ड लाइन की टीम को सुपुर्द कर दिया गया। नवजात को इस तरह फेंके जाने की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही
नवजात शिशु का वजन 1.5 किलो है,वह पूरी तरह से विकसित है। प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य होने पर उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। जो भी इलाज संभव होगा जिला अस्पताल में किया जायेगा।
डाॅ. ललित सिंह, अधीक्षक सीएचसी
लावारिस हालत में मिला नवजात शिशु लड़का है, उसे इस हालत में किसने फेंका है, गोपनीयता के साथ इस बारे में पता लगाया जा रहा है। मामले में जो भी विधिक कार्रवाई संभव होगी की जायेगी।
शेर सिंह वर्मा, निरीक्षक।
अस्पताल में भर्ती नवजात शिशु ,हालत सामान्य होने पर उसे ले जाते चाइल्ड लाइन के सदस्य स्रोत -संवा- फोटो : samvad