कोखराज कोतवाली पटैतीपर (अयाजमऊ) गांव में नवजात की मौत पसलियां टूटने से हुई थी। नशे में धुत चाचा के बैठने पर नवजात के नाक और कान से खून आने लगा था। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि, परिजनों ने अभी तक मामले में किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। जबकि नवजात के नाना ने पुलिस से शिकायत कर चाचा पर हत्या का आरोप लगाया था।
पटैतीपर (अयाजमऊ) निवासी अशोक कुमार राजमिस्त्री का काम करते हैं। बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार को भी वह काम पर गए थे। शाम को पत्नी सुषमा 14 दिन के नवजात को घर पर छोड़कर शौच के लिए चली गईं। आरोप है कि इसी दौरान नशे में धुत उसका छोटा भाई मनोज घर पर आया और बिस्तर पर लेटे हुए नवजात के ऊपर बैठ गया। इससे उसकी हालत खराब हो गई ।
उधर शौच से वापस लौटीं सुषमा को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने नाराजगी व्यक्त करते हुए झगड़ा किया। किसी तरह रात बीती पर शनिवार को नवजात की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शाम को उसकी मौत हो गई।
जानकारी के बाद पहुंचे खालिसपुर जरौहां निवासी नाना सीताराम ने नवजात के चाचा पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए शिकायत पुलिस से की थी। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इंस्पेक्टर इंद्रदेव ने बताया कि नवजात की मौत पसलियां टूटने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शॉक हैमरेज मौत की वजह बताई गई है। कोतवाल के मुताबिक फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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क्या होता है शॉक हैमरेज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू के अधीक्षक डॉ. औचित्य सिंह के मुताबिक सिर, कंधे, नाक, कान, पसलियों के टूटने (इन सभी में किसी एक अंग में चोट लगने से हुई ब्लीडिंग से मौत) को शाॅक हैमरेज माना जाता है।