Need of citizenship law created due to Congress: Manish
- फोटो : KAUSHAMBI
कांग्रेस की वजह से पड़ी नागरिकता कानून की जरूरत: मनीष
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने पत्रकारों से की वार्ता, विरोधी दलों पर साधा निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। नागरिकता कानून को लेकर फैला असंतोष दूर करने की कोशिशें अब भाजपा ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। रविवार को पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने मंझनपुर में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान विरोधी दलों पर निशाना साधा। कहा कि कांग्रेस ने धार्मिक आधार पर देश का बंटवारा नहीं किया होता तो इस कानून की जरूरत ही नहीं पड़ती।
प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने विकास भवन स्थित संसदीय कार्यालय में कहाकि आजादी के वक्त देश का बंटवारा कांग्रेस ने धार्मिक आधार पर किया था। 1950 में हुए समझौते में तय हुआ था कि दोनों देश अपने यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों को सम्मान देेंगे तथा उनके सम्मान की रक्षा करेंगे। भारत ने ऐसा किया भी, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान ने वादा खिलाफी की। वहां अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है। इसी वजह से नागरिकता कानून लाने की आवश्कता पड़ी। इसके बाद पाकिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार हिंदू, सिख, पारसी, ईसाई, जैन और बौद्ध राहत महसूस कर रहा है। उन्होंने कहाकि विरोधी दलों के लोग राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए मुस्लिमों को भड़का रहे हैं। विरोध पार्टियां यह बता दें कि नागरिकता कानून में कहां लिखा है कि किसी भारतीय नागरिक को देश से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने सभी समुदाय के लोगों से बहकावे में आने के बजाए एकता का परिचय देने की अपील की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पासी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पुत्र योगेश मौर्य, राकेश पांडेय, सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।