कन्याओं को भोज कराकर दर्शनार्थियों ने कमाया पुण्य
बासंतिक नवरात्र में रविवार को आराध्यों ने माता के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की। नवरात्र पर मां के दर्शन, पूजन को शक्तिपीठ मां शीतला धाम के साथ ही अन्य देवी मंदिरों में भोर से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, जो देर शाम तक जारी रहा। दिनभर मैया के जयकारे गूंजते रहे। वही शीतलाधाम में कन्याओं को भोज कराकर भी दर्शनार्थियों ने पुण्य कमाया।
बासंतिक नवरात्र में एक तिथि की हानि होने के कारण रविवार को तीसरे दिन ही मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा देवी की भक्तों ने पूजा-आराधना की। घरों में विधि-विधान से मां की पूजा चल रही है। उपासक दुर्गा सप्तशती, चालीसा आदि का पाठ कर रहे हैं। वहीं नवरात्रों पर देवी दर्शन को मंदिरों में भी रोजाना भीड़ उमड़ती है। सबसे ज्यादा भीड़ शक्तिपीठ मां शीतलाधाम कड़ा में आ रही है। मां के दर्शन को भोर से ही दूसरे जनपद और गैरराज्यों से भक्तों का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो सारा दिन चलता रहता है। जयकारे करते हुए माता शीतला के दर्शन पूजन को आने वाले भक्त सबसे पहले गंगा में डुबकी लगाते है। फिर नारियल, चुनरी, प्रसाद, फल, फूल, सिंदूर, अगरबत्ती, धूप, दीप के साथ मां की पूजा, अराधना में लगते हैं। रविवार को आसमान से आग जैसी बरसती धूप और रिकार्डतोड़ गर्मी के बाद भी दिनभर माता के दर्शन को भक्तों की भीड़ आती रही। भीड़ का आलम यह रहा कि लोगों को मंदिर पहुंचने के लिए घंटों लाइन में लगे रहना पड़ रहा था। वहीं भीड़ को संभालने में पुलिसकर्मी भी दिनभर पसीना बहाते रहे। इसी तरह से बासंतिक नवरात्र में मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, मां झारखंडी मंदिर पूरबशरीरा, मां आनंदी मंदिर अढ़ौली, दुर्गामंदिर अजुहा, सरायअकिल आदि में भी पूजा, दर्शन को दिनभर भीड़ दिखी। इसी तरह सचवारा और किशनपुर अंबारी स्थित अलोप शंकरी देवी मंदिर, कनैली के मां शीतला मंदिर, बिगहरा के ज्वालामुखी मंदिर, इमलीगांव स्थित समया माता मंदिर, गुरौली स्थित चंद्रिका देवी मंदिर में भी पूजन-अर्चन करने वाले भक्तों का तांता दिनभर लगा रहा।