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नगर पंचायत मंझनपुर बनेगी नगर पालिका

Thu, 08 Jan 2015 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर। नगर पंचायत मंझनपुर जल्द ही नगर पालिका बनेगी। इसके लिए मानक पूरा करने की कवायद में अफसर जुट गए हैं। शासन ने पत्र भेजकर जिलाधिकारी को नगर पालिका बनाने का मानक पूरा कराते हुए इसकी रिपोर्ट 15 दिन में भेजने का निर्देश दिया है। डीएम ने अपर जिलाधिकारी को प्रस्ताव तैयार कराने की जिम्मेदारी दी है। इधर, नगर पालिका का दर्जा मिलने से कस्बाइयों को बिजली, पेयजल, सड़क, सीवरलाइन आदि समस्याओं से निजात मिल सकती है। 
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मंझनपुर कौशाम्बी जनपद का जिला मुख्यालय है। इस कस्बे को वर्ष 1967 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। अब जिला मुख्यालय बनने के बाद इसे नगर पालिका बनाने की कवायद शुरू की गई है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) रामसूरत पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत मंझनपुर को नगर पालिका बनाने के लिए शासन का पत्र मिला है। इसमें नए शासनादेश के मुताबिक मानकों को पूरा कराते हुए प्रस्ताव मांगा गया है। एडीएम के मुताबिक नगर पालिका के लिए नगर पंचायत की आबादी कम से कम एक लाख होनी चाहिए। साथ ही क्षेत्रफल भी करीब डेढ़ किलोमीटर चाहिए। जबकि अभी मंझनपुर की आबादी करीब 40 हजार है। ऐसे में मानक पूरा करने के लिए कस्बे से सटी हुई ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है।

इसमें मंझनपुर ब्लाक के बबुरा, महुआखाड़ा, डूंड़ीपर, पाता, तन्नापर,  भेलखा, कोड़र, ओसा, समदा, बंधवा रजबर और सिराथू क्षेत्र के कोर्रो, गड़रियन का पुरवा, भड़ेसर, घना का पुरवा, बिछौरा, मगरोहनी, सेहिया आदि ग्राम पंचायतें शामिल हो सकती हैं। एडीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में शामिल करने के लिए जल्द ही प्रस्ताव मांगा जाएगा। इसके बाद कार्ययोजना तैयार करके शासन को भेजी जाएगी। बता दें कि शासन के उपसचिव आरवी सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नए शासनादेश के मुताबिक नगर पालिका का मानक पूरा कराते हुए 15 दिन में प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। उधर, कस्बे को नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद विकास कार्यों में तेजी आएगी। बिजली, पाइपलाइन, सीवरलाइन, लंबी-चौड़ी पक्की सड़के आदि बुनियादी सुविधाएं नगरवासियों को मिलेंगी।
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नगर पंचायत मंझनपुर के नगर पालिका बनने पर क्षेत्र के 30 से ज्यादा गांवों को इसमें शामिल किया जा सकता है। इससे कई प्रधानों को अपनी कुर्सी भी गवानी पड़ सकती है। पंचायत प्रतिनिधि गांवों को नगर पालिका में शामिल करने लिए प्रस्ताव आसानी से नहीं दे सकेंगे। प्रधानों ने आनाकानी की तो नगर पालिका का मानक पूरा करने में अफसरों को ऐड़ीचोटी का जोर लगाना पड़ सकता है। मामले में एडीएम रामसूरत पांडेय का कहना है कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद गांवों का विकास नगरों की भांति कराया जाएगा। गांवों के विकास के लिए प्रस्ताव देने में प्रधानों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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