दोआबा में सुस्त पड़े जल जीवन मिशन ने पकड़ी रफ्तार
दूसरे और तीसरे चरण के काम को वर्ष 2021 में मिली थी स्वीकृति
अक्तूबर तक केवल हो पाई थीं 16 बोरिंग, अब संख्या पहुंची 90 के पार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। करीब दो साल से दोआबा में सुस्त पड़े जल जीवन मिशन ने रफ्तार पकड़ ली है। अक्तूबर तक जहां केवल 16 स्थानों पर बोरिंग हुई थी, वहीं अब आंकड़ा 90 के पार पहुंच गया है। गांवों में पाइप लाइन बिछाने के साथ नलकूप और कनेक्शनों का ट्रॉयल भी हो रहा है। उम्मीद है कि आने वाले एक या दो महीने में पेयजल आपूर्ति की शुरुआत हो जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत चलाई गई हर घर जल योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है। तीन चरणों में यह काम हो रहा है। पहले चरण का काम वर्ष 2020 से चल रहा है। जबकि दूसरे और तीसरे चरण के कार्यों को वर्ष 2021 में मंजूरी मिली थी। दूसरे और तीसरे चरण में 629 राजस्व गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए 135 नलकूपों और 190 पानी की टंकी के निर्माण का लक्ष्य है।
इसके अलावा 2332 किमी पाइप लाइन बिछाकर करीब एक लाख तीन हजार घरों को कनेक्शन देना है। यह कार्य कराने की जिम्मेदारी बाबा कंस्ट्रक्शन और जेएमसी दो कार्यदायी संस्थाओं को मिली है। हालांकि, शुरुआत में मिशन के कार्यों को लेकर काफी लापरवाही बरती गई। हाल यह था कि अक्तूबर 2022 तक केवल 16 नलकूपों की बोरिंग और दो गांवों में पेयजल आपूर्ति का ट्रॉयल हो पाया था। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसे लेकर निगम और कार्यदायी संस्थाओं की काफी किरकिरी हुई। शासन और प्रशासन की सख्ती के बाद अब कार्यदायी संस्थाओं ने भी रफ्तार पकड़ ली है। अब तक 93 नलकूपों की बोरिंग और 12 पानी की टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसी तरह 514 किमी पाइप लाइन बिछाकर 14196 घरों में कनेक्शन दे दिए गए हैं।
निर्माण कार्यों के साथ लाइनों और नलकूपों का ट्रॉयल भी हो रहा है। जैसे-जैसे काम पूरा होता जाएगा, वैसे-वैसे पेयजल आपूर्ति चालू होती रहेगी। अफसरों ने अगले दो महीने के अंदर पेयजल आपूर्ति की शुरुआत करने की तैयारी की है।
अब भी रेंग रहा पहले चरण का काम
जल जीवन मिशन के पहले फेज में कड़ा के अफजलपुर साको, मंझनपुर के उखईया खास, मूरतगंज के पट्टी नरवर, गौसपुर और कौशाम्बी ब्लॉक के जाठी गांव में पेयजल परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य रखा गया था। हर परियोजना पर एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वर्ष 2020 से इस पर काम चल रहा है, लेकिन अब तक केवल उखईया खास और अफजलपुर साको का ही काम पूरा हो सका। अन्य जगह परियोजना का काम रेंग रहा है।
पहले की अपेक्षा जल जीवन मिशन के काम में अब तेजी आई है। 629 गांवों को पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य है। पूरी कोशिश है कि कुछ परियोजनाओं का काम अगले महीने पूरा हो जाए। इसके बाद उनसे जुड़े गांवों में पेयजल आपूर्ति चालू हो जाएगी। वर्ष 2024 तक सारे कार्य पूर्ण करने हैं। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-सौमित्र-एक्सईएन, जल निगम