सैनी कोतवाली क्षेत्र के कानेमई गांव में गणेश प्रसाद की हत्या के मामले का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग में फंसने से बचने के लिए आरोपी ने वारदात की थी। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
घटना दो फरवरी की सुबह करीब छह बजे सामने आई, जब गांव के बाहर नलकूप के समीप स्थित घर के सामने टिनशेड के नीचे चारपाई पर गणेश प्रसाद का खून से लथपथ शव मिला था। पोस्टमार्टम में मृतक के सिर पर धारदार हथियार से कई वार के निशान पाए गए थे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए थे और एक ज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई थीं।
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि घटना में जिन लोगों को नामजद किया गया था, उनकी हत्या में कोई भूमिका नहीं मिली। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने कानेमई गांव निवासी आकाश पुत्र पुजारी लाल को भौतर गांव के तिराहे से गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती करने पर अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, जली हुई जैकेट, मृतक का जला हुआ मोबाइल फोन और बाइक बरामद की है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि करीब चार माह पूर्व वह मृतक की बेटी को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद गणेश प्रसाद ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में समझौते के नाम पर उससे पांच लाख रुपये की मांग की गई और पैसा न देने पर जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही थी। इसी दबाव में उसने वारदात को अंजाम दिया।
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निशाने पर था बेटा, न मिलने पर पिता को उतारा मौत के घाट
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एक फरवरी की रात वह बाइक की डिकी में कुल्हाड़ी लेकर गणेश प्रसाद के घर पहुंचा। उस समय गणेश बाहर सो रहे थे। मौका पाकर उसने सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए उसने अपनी जैकेट और मृतक का मोबाइल फोन जला दिया। आरोपी ने बताया कि उसका असली निशाना मृतक का बेटा राहुल था, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला।
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फोन का नहीं करता था प्रयोग
एसपी ने बताया कि करीब चार माह पहले जब आरोपी गणेश प्रसाद की बेटी को अपने साथ ले गया, तब से उसने मोबाइल फोन से दूरी बना ली थी। उसे यह जानकारी थी कि पुलिस का सर्विलांस कैसे काम करता है। आरोपी आकाश ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ा है। घर वाले अक्सर उसे फरारी के दौरान फोन का प्रयोग न करने की हिदायत देते थे।
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सीसीटीवी कैमरे बने खुलासे का आधार
मंझनपुर। एसपी ने बताया कि जहां पर हत्या हुई, वहां किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं थे। धर्मा देवी इंटर कॉलेज में एक कैमरा लगा है, जो काफी दूर है। इस कैमरे के फुटेज में कुछ स्पष्ट नहीं था।
हालांकि, इससे यह जानकारी जरूर मिली कि एक बाइक गणेश प्रसाद के नलकूप के पास रुकी। उसी दौरान बिजली चली गई। थोड़ी देर बाद बाइक वहां से चली गई। समय को आधार मानकर बाइक की तलाश की गई। रास्ते पर लगे कैमरों की मदद से बाइक का रूट स्पष्ट हो गया। उसी रूट की जांच करते हुए पुलिस करारी के तियरा गांव तक पहुंच गई। तियरा में आकाश की बुआ के रहने की जानकारी मिली। जब आकाश से पूछताछ की गई तो उसने पूरी हकीकत बता दी। संवाद