मंझनपुर। नगर के खोरा गांव में छह साल के अंदर कैंसर से पांच लोगों के मौत की खबर छपने के बाद रविवार को नगर पालिका परिषद हरकत में आ गया। मामले को गंभीरता से लेकर कर्मचारियों की टीम भेजी गई। अलग-अलग बोरिंगों से पानी के तीन नमूने लिए। उसका नमूना भी लिया, जिसकी परत पानी में जमती है।
नगर पालिका परिषद मंझनपुर के वार्ड नंबर 17 गौतमबुद्ध नगर के खोरा मोहल्ले में 25 से 30 घरों के बीच कैंसर का खौफ फैला हुआ है। इसकी वजह छह साल के अंदर ही पांच लोगों की मौत है। वहीं दो लोग अब भी पीड़ित हैं, जिनका वाराणसी के पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल से इलाज चल रहा है। लोग दूषित पानी की वजह से बीमारी फैलने की आशंका जता रहे हैं।
कई बार यहां के लोगों ने शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अमर उजाला ने रविवार के अंक में ‘छह साल में पांच लोगों की कैंसर ने ली जान, खोरा क्षेत्र में दहशत’ शीर्षक की खबर छपी। इसको नगर पालिका परिषद के ईओ अनूप राय ने संज्ञान में लिया। उनके निर्देश पर पालिका के कर्मचारी रामशरण और शिव सिंह खोरा पहुंचे। यहां पर पालिका के सबमर्सिबल पंप, हरिओम के घर के सामने लगे हैंडपंप और राज बहादुर के निजी नलकूप के पानी का नमूना लिया।
पानी में जमने वाली सफेद रंग की परत के बुरादे का सैंपल भी लिया। अब इसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। टीम के गांव पहुंचने के बाद मोहल्ले के धनराज सिंह, चंद्रभान सिंह आदि ने राहत की सांस ली। उम्मीद जताई कि शायद अब उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके लिए लोगों ने अमर उजाला का आभार भी जताया। ईओ ने बताया कि पानी के लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयागराज स्थित लैब भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग भी कराएगा पड़ताल
पानी की गुणवत्ता की जांच तो नगर पालिका करा ही रही है, स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रकरण को गंभीरता से लिया है। सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। एक ही इलाके में कुछ घरों के बीच कैंसर के मरीजों का मिलना चिंता का विषय है।आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, इसकी पड़ताल कराई जाएगी। दशहरे के अवकाश के बाद टीम गठित होगी।