रविवार रात हुई झमाझम बरसात खेतों को अमृत दे गई। पानी से लबालब हुए खेतों में सुबह से ही ट्रैक्टर दहाड़ने लगे। महिलाएं खेतों में कजरी गीत गाकर बेहन की रोपाई में जुट गई है। किसानों की मानें तो अगर यही मौसम एक सप्ताह बना रहा तो सारे किसान धान की रोपाई आसानी से कर लेंगे। आषाढ़ माह में रविवार को पहली बार झमाझम बरसात हुई। रात भर पानी बरसने से किसानों के चेहरे खिल उठे। बरसात का यह सिलसिला सोमवार दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। किसान खेतों की तरफ गए तो वह लबालब भरे मिले। इसे लेकर जिन किसानों की बेहन तैयार थी, उन्होंने फौरन ट्रैक्टर से खेत जुतवाकर धान की रोपाई करवा दी। महिलाएं खेतों में कजरी गाते हुए बेहन की रोपाई में जुटी रहीं।
मंझनपुर से सटे घना का पुरवा गांव निवासी किसान चोखेलाल निर्मल का कहना है रविवार को हुई बरसात से करीब 20 फीसदी धान की रोपाई हो गई है। किसान बेहन की कटाई में जुट गए हैं। देवखरपुर गांव के मुखिया यादव, निजामपुर नौगीरा के रामजी पांडेय, बुधराम आदि भी बरसात से काफी खुश है। किसानों का कहना है अगर दो से तीन दिन के अंतराल में बरसात होती रही तो धान की पैदावार काफी बेहतर होगी। रविवार को हुई बरसात ने नगर पंचायत मंझनपुर में सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई जगह जल भराव हुआ। कस्बे की विभिन्न सड़के कीचड़ से पट गई। लोगों को मजबूरन गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जल भरवा से सरकारी दफ्तर भी अछूते नहीं रहे।
जनपद न्यायालय जाने वाले मार्ग से पिछले दिनों अतिक्रमण हटाया गया है। इसके बाद मलबा हटाने की सही व्यवस्था नहीं की गई। नाली में मलबा भर जाने से वह चोक हो गई है। इसके कारण सड़क पर पानी भर रहा। विकास भवन, सदर कोतवाली भी जल भराव से अछूते नहीं रहे। बाजार रोड से बड़ा शिवाला जाने वाली सड़क पर नाली चोक होने से जल भराव की स्थित बनी रही। यहां सड़क पर फैले कूड़े के कारण लोगों को कीचड़ से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।