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Kaushambi News: विद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर जमी काई, खेल मैदान में उगी घास-फूस

Sat, 30 Aug 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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ढोकसहा राजकीय विद्यालय में बिना ​शिक्षक के कक्षा में बैठे विद्यार्थी। संवाद
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कौशाम्बी ब्लॉक के ढोकसहा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) की बदहाल तस्वीर शुक्रवार को फिर उजागर हुई। विद्यालय में पंजीकृत तो 89 बच्चे हैं लेकिन पढ़ने आने वालों की संख्या बेहद कम है। पड़ताल के दौरान विद्यालय में मात्र 25 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। सभी एक ही कक्षा में बैठे थे और पढ़ाई की बजाय आपस में बातचीत में मशगूल दिखे।
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विद्यालय परिसर की हालत देख ऐसा प्रतीत हुआ मानो यहां वर्षों से पढ़ाई ही नहीं हो हुई। मुख्य द्वार पर काई जमी हुई है, आंगन और खेल मैदान में घास-फूस व झाड़ियों का अंबार है। खेल का मैदान और शौचालय ऐसा दिखा जैसे वर्षों से उपयोग नहीं हुआ। भवन की दीवारों में धूल जमी है, मानो पुताई सालों पहले हुई हो। यह नजारा ऐसे समय सामने आया है जब शासन-प्रशासन आकांक्षी ब्लॉकों में शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात करता है।
सुबह आठ बजे पहुंची संवाद टीम ने देखा कि प्रधानाध्यापिका प्रतिभा दिवाकर सहित तीनों शिक्षिकाएं एक ही कमरे में बैठकर बातें कर रही थीं। किसी बाहरी के आने की आहट पाते ही वे अचानक सक्रिय हो गईं और कक्षाओं में जाने लगीं। एक कमरे में 15 छात्राएं तो दूसरे में मात्र 10 छात्र बैठे मिले।
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तीन दिन पहले ही डीएम ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं में सुधार और छात्र संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए थे लेकिन हकीकत यही बताती है कि नोटिस का कोई असर नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की उपस्थिति न के बराबर है और शिक्षकों की उदासीनता से शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। जिले के आकांक्षी ब्लॉक में स्थित इस विद्यालय की तस्वीर न केवल शिक्षा विभाग की पोल खोल रही है बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रही है कि अधिकारियों की नोटिस और आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।
बच्चों को भेजने में लगतार है डर
राजकीय हाईस्कूल ढोकसहा में बच्चों की संख्या कम रहती है। इसके पीछे का कारण है कि वहां बच्चों को भेजने में अभिभावक डरते हैं। मकदूमपुर के फूलचंद्र व हरिश्चंद्र और डेकहाई के हरिश्चंद्र ने बताया कि स्कूल में इतनी गंदगी और बाहर घास व झाड़ियां उगी हैं कि बच्चों के प्रति चिंता लगी रहती है। आए दिन बच्चे सांप और बिच्छू निकलने की जानकारी देते हैं। कई बार शिक्षकों से सफाई कराने के लिए कहा गया लेकिन वह सुनते ही नहीं हैं। गेट पर दरवाजा नहीं होने से गांव के लोग भी यहीं पर गंदगी करते हैं।
राजकीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को तीन दिन पहले डीएम की ओर से नोटिस मिला है। साथ ही उनका वेतन भी रोका गया है। इनको कुछ दिन का समय दिया गया है। इसके बाद दोबारा जांच कराई जाएगी। सुधार नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, डीआईओएस

ढोकसहा राजकीय विद्यालय में बिना शिक्षक के कक्षा में बैठे विद्यार्थी। संवाद

ढोकसहा राजकीय विद्यालय में बिना शिक्षक के कक्षा में बैठे विद्यार्थी। संवाद

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