सैनी बस स्टेशन में बने यात्री सेड के पास बैठे बंदर संवाद
कस्बे के रेलवे स्टेशन और सैनी बस स्टेशन पर बंदरों के उत्पात से यात्री परेशान हैं। बीते तीन माह में बंदरों के हमले से आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि यात्री प्लेटफॉर्म और बस स्टेशन पर बैठने से कतराने लगे हैं।
सिराथू के अलावा मंझनपुर, कड़ा धाम, अजुहा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में भी बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। इनके चलते न घरों का सामान सुरक्षित है और न ही खेतों की फसल। आए दिन कोई न कोई बंदरों के हमले का शिकार हो रहा है। सिराथू रेलवे स्टेशन और सैनी बस स्टेशन पर बंदरों का झुंड प्लेटफॉर्म और यात्री शेड में डेरा जमाए रहता है। हाथ में पॉलिथीन, झोला या बैग देखकर बंदर हमला कर देते हैं।
18 दिसंबर को कानपुर निवासी लालजी मिश्रा सैनी बस पकड़ने आए थे, तभी बंदर ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चार फरवरी को दारानगर के आनंद कुमार पर बंदर ने हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। 25 जनवरी को संगम स्नान के लिए जा रहे पंइसा गांव के राजकिशोर और 30 जनवरी को मालक सद्दी गांव के राजा सोनकर भी बंदरों के हमले में घायल हो गए।
सेलहरा गांव की आराधना के दो वर्षीय बेटे अंकुश को भी बंदर ने हमला कर घायल कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह लोग बंदरों के हमले में घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। वहीं, एसडीएम योगेश कुमार गौड़ ने बताया कि पिछले वर्ष अभियान चलाकर सौ से अधिक बंदरों को पकड़ा गया था। दोबारा अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा।
सैनी बस स्टेशन में बने यात्री सेड के पास बैठे बंदर संवाद