जनता कर्फ्यू के दिन कागजों पर खूब हुआ मनरेगा का काम
कड़ा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिराथू। कड़ा ब्लॉक में मनरेगा के तहत हुए कथित गोलमाल की परत-दर-परत खुल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को देश में जनता कर्फ्यू के दिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक लॉकडाउन किया गया था। इसके बावजूद ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कागज पर मजदूरों को फावड़ा चलाते दिखाया गया। इतना ही नहीं जिम्मेदारों ने मजदूरी के नाम पर ऑनलाइन लाखों रुपये का भुगतान भी कर दिया।
विकास खंड कड़ा में मनरेगा में जमकर खेल किया जा रहा है। यहां रोजाना नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। योजना के तहत पक्के कार्यों के नाम पर बोगस फर्म को करीब 86 लाख रुपये के भुगतान करने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब बगैर काम के ही मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये के गोलमाल का प्रकरण सामने आ गया है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था। इस दिन देश भर के लोग स्वेच्छा से घरों में ही थे। तकरीबन सभी सरकारी, गैरसरकारी दफ्तर, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद थे। इसके बावजूद विकास खंड के कंथुआ, ख्वचकीमई, रामपुर बढनावा, नांदेमई, गौसपुर नवांवा, चक कदिलापुर समेत 42 ग्राम पंचायतों में कागज पर मनरेगा के मजदूरों ने खूब फावड़ा चलाया। जनता कर्फ्यू के दिन जब सबकुछ बंद था तो फिर जाबकार्ड पर श्रमिकों ने कैसे काम किया? इसे लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विकास विभाग के सूत्रों की मानें तो जनता कर्फ्यू के दिन मनरेगा रिकार्ड में बकायदा डाटा भी एपीओ स्तर से आनलाइन अपडेट किया गया है। डाटा लीक होने के बाद ब्लॉक में हड़कंप मचा हुआ है। बचाव के रास्ते भी निकालने की कोशिश की जा रही है। ब्लाक के जिम्मेदार अपनी गर्दन फंसती देख कुछ भी कहने से कन्नी काट रहे हैं। मामले में ब्लॉक के जेई योगेंद्र का कहना है कि इस संबंध में वह कुछ भी नहीं जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए ऊपर भी जिम्मेदार बैठे हैं।