जनपद में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों के सामग्री मद का करीब 22.93 करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। प्रधान संघ के अध्यक्ष का कहना है कि शासन ने एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से धनराशि जारी तो की है लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। बकाया का 15 प्रतिशत भुगतान करने की सीमा तय होने से पूरा भुगतान नहीं हो सका है। हालांकि जिसे मामूली भुगतान बताया जा रहा है उससे भी लोगों को फौरी राहत मिली है।
मनरेगा आनलाइन पोर्टल के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का जनपद के सभी आठों ब्लॉकों में सामग्री मद का 22.93 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। अकेले नेवादा ब्लॉक में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का एफटीओ फीडिंग के अनुसार दो करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक का बकाया है।
प्रधान संघ अध्यक्ष अमित सिंह के मुताबिक 15 प्रतिशत भुगतान की लिमिट तय करने से अकेले नेवादा ब्लॉक की पंचायतों को महज 52 लाख रुपये का ही भुगतान किया जा सकता है। जबकि जनपद की 451 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर, इंटरलॉकिंग, नाली, सोकपिट और वाटर हार्वेस्टिंग जैसे विकास कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटके पड़े है।
वहीं प्रधानों का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक होने से सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और उधारी पर सामान लेकर काम कराने वाले प्रधानों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ब्लॉक का चक्कर काट रहे प्रधानों का यह भी कहना है कि यदि जल्द ही पूर्ण भुगतान नहीं हुआ तो विकास कार्य प्रभावित होंगे। वहीं, चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद भुगतान प्रक्रिया अटकने की आशंका भी है। दूसरी तरफ खंड विकास अधिकारी निर्देश के विपरीत भुगतान करने से मना कर रहे हैं।
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ब्लाॅकवार सामग्री मद का बकाया धनराशि
ब्लॉक 2024-25 2025-26
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चायल 86.11 48.37
कड़ा 182.03- 72.22
कौशाम्बी 156.71 79.67
मंझनपुर 74 308.89
मूरतगंज 312 28.15
नेवादा 174.40- 101.73
सरसवां 47.56 140.37
सिराथू 380- 99.79
नोट- बकाया लाख में
वर्जन
ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर सामग्री भुगतान की सीमा अधिकतम 15 फीसदी तय की गई है। नियम का पालन नहीं करने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ।