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मिसाइल मैन के निधन से दोआबा स्तब्ध

Wed, 29 Jul 2015 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। भारत रत्न से सम्मानित देश के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन से दोआबा के लोग भी शोक में हैं। सोमवार की रात उनके इंतकाल की खबर लगते ही लोग गमगीन हो गए। सुबह शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और राजनैतिक दलों ने शोक सभाओं का आयोजन कर पूर्व राष्ट्रपति के व्यक्तित्व-कृतित्व पर चर्चा करते हुए उन्हें श्रद्घा-सुमन अर्पित किया। दिनभर लोगों की जुबान पर देश के इस महान सपूत का ही नाम रहा। 
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बता दें कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति देश के महान वैज्ञानिक भी थे। उन्हें पूरी दुनिया मिसाइलमैन के नाम से भी जानती है। इसी महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का सोमवार की शाम दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया। इसकी खबर सोशल साइटों और टीवी चैनलों के माध्यम से मिलते ही जिले के लोग अवाक रह गए। उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए  देर रात तक लोग टीवी पर निगाहें लगाए रहे। इधर, सुबह होते ही जनपद में शोकसभाओं का दौर शुरू हो गया। मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय में भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, अपना दल सहित सभी राजनैतिक पार्टियों की ओर से शोक सभा का आयोजन किया गया।

इसमें स्व. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण करके दो मिनट का मौन भी लोगों ने रखा। उनके लिए इबादत, प्रार्थनाएं की।  भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तलत अजीम, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, अद जिलाध्यक्ष विनोद कसेरा समेत सभी दलों के लोगों ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी कमी देश को हमेशा अखरेगी। कहा गया कि देशवासियों के बीच नहीं होते हुए भी वह दिलों में जिंदा रहेंगे। इसी तरह एसएवी इंटर कॉलेज सैनी, मौलवी लियाकत अली डिग्री कॉलेज महगांव, नंदी वाणी पब्लिक स्कूल भरवारी आदि विद्यालयों में प्रार्थना के दौरान अध्यापकों और बच्चों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया। शिक्षकों ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और उनके कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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इसके बाद स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। देवीगंज में व्यापार संगठन ने शोक सभा की। इसमें प्रेम नारायण मोदनवाल, ओमप्रकाश, पप्पा साहू, महेन्द्र सिंह यादव, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे। कड़ा स्थित संत मलूक दास आश्रम में साईं शिक्षा जन कल्याण संस्था की ओर से पौधरोपण कर भारत रत्न को श्रद्घांजलि दी गई। टेंवा में युवा व्यापार मंडल के डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, कृष्णकांत शर्मा, सुरेश वर्मा, कमल सिंह, रिंकू, संतोष, साजन मौर्य ने भी पूर्व राष्ट्रपति को याद करके उन्हें पुष्पांजलि दी। भाजपा नेता जीतेंद्र सोनकर ने भी सिराथू में शोकसभा करके उनके निधन को देश और दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।  

पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के निधन की खबर आते ही सोशल साइटों पर गम का माहौल तारी हो गया। देखा गया कि फेसबुक से लेकर व्हाट्स ऐप और ट्वीटर तक में लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख जाहिर किया। महान वैज्ञानिक के निधन को लोगों ने भारत ही नहीं विश्व के लिए अपूर्णीय क्षति करार दिया। हालात यह रहे कि साइटों पर पूर्व राष्ट्रपति के अलावा अन्य विषयों की पोस्टें कम ही अपलोड की गई।
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