मंझनपुर। सदर कोतवाली इलाके के एक गांव की 12 साल की एक लड़की के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म किया। महिला हेल्प लाइन की मदद से जिला अस्पताल पहुंची पीड़िता व उसकी मां पर आरोपी व उसके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। तीमारदारों ने विरोध किया तो हमलावर भाग निकले। शिकायत के बाद भी पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही है।
बताया जाता है कि पानीपत की रहने वाली एक महिला की शादी 19 साल पहले सदर कोतवाली इलाके में हुई थी। महिला के दो बेटे व एक 12 साल की बेटी है। पिछले दिनों महिला अपने बेटों के साथ पानीपत गई थी। घर में महिला का पति व उसकी बूढ़ी सास के पास बेटी थी। तीन मार्च की शाम महिला का पति शौच गया था। इस दौरान पड़ोस का दबंग उसके घर में घुस आया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पांच मार्च को गांव पहुंची महिला से उसकी बेटी ने आपबीती बताया तो उसने यूपी-100 को खबर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी युवक को कोतवाली ले आई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। आरोपी गांव पहुंचा तो पंचायत हुई। जिसमें महिला को 25 हजार रुपया लेकर खामोश रहने के लिए कहा गया। महिला के मुताबिक उसके पति ने आरोपी से दस हजार रुपया ले लिया और वह भी सुलह का दबाव बनाने लगा। मामले में महिला ने वुमेन पावर हेल्प लाइन को खबर दी। हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को को लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस ने पीड़िता को न तो इलाज के लिए भर्ती कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। रविवार शाम हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। यहां पर महिला का पति व आरोपी के घरवाले पहुंचे और उन्होंने मां-बेटी को पीटना शुरू कर दिया। बताते हैं कि घटना के दौरान अस्पताल में पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। तीमारदारों ने हस्तक्षेप कर महिला की जान बचाई। दहशत से मां-बेटी अस्पताल परिसर में ही हैं।