सिराथू। ब्लाॅक क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में डेढ़ दशक पहले बनवाए गए मिनी सचिवालय जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बदहाल हो गए हैं। ग्रामीण अब इनमें भूसा भरने के साथ ही मवेशियों को बांध रहे हैं। लाखों की लागत से बनी इमारत देखरेख के अभाव में जर्जर है।
वित्तीय वर्ष 2009-10 में सिराथू ब्लॉक के खनवारी, नारा, मोहद्दीपुर बेला, रामपुर मडूकी, कैंमा, तेरहरा, घटमापुर, शाखा, पंइसा, बारातफारीक और अफजलपुरवारी सहित 12 ग्राम पंचायतों में 16 से 18 लाख रुपये की लागत से मिनी सचिवालय भवन का निर्माण कराया गया था। इसमें ग्राम प्रधान, सचिव, कंप्यूटर कक्ष के साथ मीटिंगहाल व शौचालय बनाया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने पर कार्यदायी संस्था ने ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया था।
मकसद था कि ग्राम पंचायत स्तर के सभी जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी इसी भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं निस्तारित करेंगे। साथ ही यहीं पर ग्राम सभा की खुली बैठकें होंगी। लेकिन, ऐसा कभी नहीं हुआ। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते खनवारी, नारा, रामपुर मडूकी, घटमापुर, मोहीउद्दीपुर बेला, बारातफारीक आदि गांव में बने सचिवालय की इमारत जर्जर हो गई। इसमें अब गांव के लोग भूसा-लकड़ी भरने के साथ ही पालतू मवेशियों को बांध रहे हैं। वहीं, शाखा, पंइसा, तेरहरा व फतेहपुर बेला आदि गांवों में ग्राम निधि से जर्जर हुए मिनी शौचालय की मरम्मत कराने के बाद पंचायत भवन संचालित किया जा रहा है।
केस-एक
नारा ग्राम पंचायत में 16 लाख की लागत से बने मिनी सचिवालय की इमारत जर्जर हो चुकी है। गांव के लोग लकड़ी, कंडी व भूसा भरने के साथ मवेशियों को बांध रहे हैं। गांव के अर्जुन पाल,भोला प्रसाद मौर्य, अशोक कुमार सोनकर आदि लोगों का कहना है कि मिनी सचिवालय भवन में अवैध कब्जा हटाने के लिए कई बार सचिव व प्रधान से कहा गया है। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ।
केस-दो
खनवारी गांव में डेढ़ दशक पहले 18 लाख की लागत से मिनी सचिवालय भवन का निर्माण कराया गया था। देखरेख के बिना इमारत जर्जर हो चुकी है। इसमें आवास विहीन गांव का एक परिवार रहता है। संदीप कुमार, सोम कुमार मौर्य, श्रवण आदि ग्रामीणों ने बताया कि मिनी सचिवालय का संचालन नहीं होने से ग्राम पंचायत स्तर के कार्यों के लिए उन्हें ब्लॉक और तहसील कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
केस-तीन
रामपुर मडूकी में बना मिनी सचिवालय भवन जर्जर हो चुका है। इसमें गांव के लोग कब्जा कर भूसा भरने के साथ मवेशियों को बांधते हैं। ग्राम प्रधान आरती देवी ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलते ही काम करा दिया जाएगा। वहीं, कब्जा करने वालों को भी नोटिस जारी की जाएगी।
-चार ग्राम पंचायतों के भवन बेहद जर्जर होने के कारण उन्हें निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। कई ग्राम पंचायत में ग्राम निधि से मरम्मत का कार्य कराया गया है। वहीं जिन सचिवालयों में ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा हैं, वहां के सचिव और ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की जाएगी।अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ