सरसवां ब्लाॅक के देवरी गांव से निकल रही भन्नई नदी में जल संरक्षण व मिट्टी कटान रोकने के लिए लघु सिंचाई विभाग ने करीब 60 लाख की लागत से पांच स्थानों पर (ऐनीकट) मिनी चेक डैम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को स्वीकृत के लिए शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बड़हरी गांव का मजरा देवरी भन्नई नदी का उद्गम स्थल है। यह नदी 12 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली हैं, जो देवरी, तरमौरा, ठाकुर का पूरा, बड़हरी से होते हुए प्रभातगिरि पर्वत के बगल से होकर यमुना नदी में जाकर मिलती है। जिम्मेदारों की अनदेखी से नदी का वजूद मिटता जा रहा था। इस मुद्दे को लेकर छह फरवरी को वजूद पर संकट...वर्षों से प्यासी है भन्नई नदी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद लगातार तीन दिन तक अभियान चलाया गया था।
खबर का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने सरसवां बीडीओ को मनरेगा योजना से नदी की खोदाई कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद नदी की सफाई कराई गई। साथ ही पांच अलग-अलग स्थानों पर गड्ढा बनाकर नदी में पानी भराया गया। बता दें कि गर्मी के दिनों में जंगली पशु-पक्षियों के लिए नदी ही पानी का एक विकल्प है। नदी सूखने से इनके सामने पानी का संकट खड़ा हो जाता है।
ऐसे में सीडीओ ने लघु सिंचाई विभाग को नदी के संरक्षण की योजना बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। लघु सिंचाई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा। अवर अभियंता अक्षय कुमार ने बताया कि सर्वे कर प्रस्ताव बनाकर स्वीकृत के लिए शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि एक दो महीने में बजट मिल जाएगा। इसके बाद कार्य प्रारंभ होगा।
उन्होंने बताया कि यमुना में बाढ़ के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। अगले साल से जल संरक्षण के लिए मिनी चेकडैम बनाया जाएगा। नबार्ड की आरआईडीएफ योजना से विभाग को करीब 60 लाख का बजट मिलेगा।
किसानों के खेतोंं की होगी सिंचाई
- भन्नई में चेकडैम बनने के बाद से नदी के किनारे के करीब 500 बीघे खेतों की सिंचाई इसी पानी से होगी। इससे किसानों की फसल भी बेहतर होगी। इससे पशु-पक्षियों को लाभ होगा
बोले ग्रामीण
भन्नई नदी के सूखने से खेती करना मुश्किल हो गया था। अगर चेकडैम बन जाएगा तो खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। फसल अच्छी होगी और हमें बाहर से पानी के लिए खर्च नहीं करना पड़ेगा। - रामआसरे, बड़हरी
- गर्मी के दिनों में नदी सूख जाती है तो पशुओं और पक्षियों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाता है। चेकडैम बनने से सालभर पानी रहेगा और गांव-खेती के साथ-साथ जंगल के जीव-जंतु भी लाभान्वित होंगे। - मुन्ना तिवारी, तरमौरा।
बड़हरी गांव स्थित भन्नई नदी में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
बड़हरी गांव स्थित भन्नई नदी में भरा बाढ़ का पानी। संवाद