उमसभरी गर्मी से बेहाल जनपदवासियों पर रविवार को इंद्रदेव कुछ मेहरबान हो गए। आधे घंटे ही सही, लेकिन शाम को जब झमाझम बारिश हुई तो तापमान दो डिग्री लुढ़क गया। सुहाने मौसम का आनंद लेने से लोग नहीं चूके। कोई बाइक पर सवार होकर निकल पड़ा तो किसी ने घर की छत पर भीगकर गर्मी से राहत पाई।
दोआबा में मानसून तो पांच दिन पहले ही आ गया था, लेकिन उसमें कोई तेजी नहीं दिख रही थी। घने बादल आसमान पर छाते थे और फिर बिना बरसे ही चले जाते थे। हल्की-फुल्की बूंदाबांदी तो कई दिन हुई, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। बल्कि, गर्म तवे के जैसी तपती जमीन पर जब बारिश की बूंदें पड़ी तो उमस बढ़ गई। यही कारण था कि तापमान में लगातार गिरावट के बाद भी लोग उमस से बेहाल थे।
रविवार की दोपहर में धूप खिली रही। वहीं, शाम पांच बजे काले बादलों ने आसमान पर डेरा जमा लिया। कुछ देर में ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम खुशनुमा हुआ तो लोगों के चेहरे खिल उठे। शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री था, जबकि रविवार की शाम बारिश के बाद यह अधिकतम तापमान का पारा खिसक कर 33 डिग्री पर आ गया। हालांकि, न्यूनतम अब भी 26 पर ही अटका हुआ है।
पांच साल से नहीं हुई जून में सामान्य बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र महगांव के वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह बताते हैं जून के महीने में 125 से 135 एमएम बारिश को सामान्य की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, पिछले पांच साल से जून में इतनी बारिश नहीं हुई है। पिछले साल भी 80 से 85 एमएम के बीच बारिश का आंकड़ा अटक गया था। इस बार जून में अभी तक महज 22 एमएम बरसात हुई है। हालांकि, अभी पांच दिन शेष हैं। बारिश के आसार भी नजर आ रहे हैं। फिर भी सामान्य जितनी बारिश की उम्मीद कम ही है।
धान की बेहन के लिए आसमान से बरसा अमृत
भेलखा के रामरूप, आनंद और हाजीपुर पतौना के सूर्यबक्श का कहना है कि यह समय अरहर, तिल्ली, ज्वार, बाजरा, मूंगफली और सोयाबीन समेत खरीफ की अन्य फसलों की बोआई का है। यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। बोआई में तेजी आएगी। धान की बेहन के लिए तो आसमान से अमृत बरसा है।