कौशाम्बी में भीषण गलन, शीतलहर और कोहरे के कहर जानलेवा बना है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण रात-दिन कड़ाके की ठंड जान लेने पर उतारू है। साथ ही लगातार तापमान में गिरावट भी खतरनाक बनी हुई है। ठंड का आलम यह है कि रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। वहीं दिन का तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंच रहा है। इस कड़ाके की सर्दी से रोजाना जिले में मौत भी हो रही है। मंगलवार की शाम भी खेत की सिंचाई कर रही मीरापुर (शहजादपुर) गांव की एक महिला की ठंड लगने से सांसें थम गई। ठंड में अब तक जिले में 20 लोगों की जान जा चुकी है।
कौशाम्बी में आठ दिन से भीषण ठंड पड़ रही है। पहाड़ों में हुई बर्फवारी के कारण पूरा जिला भीषण शीतलहर की चपेट में है। बर्फीली हवाएं के कारण ऐसी गलन है कि लोगों के हाथ-पैर सुन्न होते जा रहे हैं। मंगलवार की दोपहर तीन दिन बाद हल्की धूप निकली भी थी। पर, बर्फीली हवाओं के कारण इससे लोगों को तनिक भी राहत नहीं मिली। दोपहर तक कोहरे की धुंध के कारण भी जन-जीवन अस्त-व्यस्त बना रहा। शीतलहर के कारण दिन-रात एक जैसी गलन बनी हुई है। इससे जिले में पारा भी लगातार नीचे गिर रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार की रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि मंगलवार को दिन में तापमान एक डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 10 पहुंच गया है। दिन-रात पड़ रही कड़ाके की ठंड से जिले में मौतें भी जारी हैं। मंगलवार की शाम भी ठंड की चपेट में आने से सिराथू तहसील के मीरापुर (शहजादपुर) गांव की रहने वाली रामदेई (50) पत्नी भैयालाल की मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक महिला मंगलवार को खेत की सिंचाई करने गई थी। वहीं उसे ठंड लग गई। तबीयत बिगड़ने पर वह घर चली आई। जहां थोड़ी देर में ही उसकी सांसें थम गई। बता दें कौशाम्बी में गलन भरी ठंड की चपेट में आने से रोजाना किसी न किसी की मौत हो रही। अब तक जिले में ठंड की चपेट में आने से 20 लोग काल के गाल में समा चुके हैं।