चायल। पुरामुफ्ती स्थित एसपीएमआईटी का वार्षिक खेल समारोह समन्वयक 2015 का रविवार को समापन हो गया। इस मौके पर मौजूद रहे राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने स्कूलों में खेलों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम में छिपी हुई ग्रामीण प्रतिभाएं सामने आती हैं। विजेताओं को पुरस्कार देते हुए डीएम राजमणि यादव ने भी छात्र-छात्राओं की सराहना की।
एसपीएमआईटी में 27 फरवरी से आयोजित तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता में गली क्रिकेट में मेजबान टीम ने जीत हासिल की। चेस में मधु वाचस्पति इंस्टीट्यूट के छोटेलाल अव्वल रहे। बालिका वर्ग में एसपीएमआईटी की आकांक्षा प्रथम रहीं। कैरम सिंगल में रिजवी कालेज करारी के मोहम्मद सलमान, बालिका वर्ग में एसपीएमआईटी की आकांक्षा प्रथम रही। वहीं डबल में अमित राव और मोहम्मद साकिब ने बाजी मारी।
बैडमिंटन में बालिकवर्ग सिंगल में एसपीएमआईटी की जिकरा मुख्तार, डबल्स में आकांक्षा और जिकरा जीती। वहीं बालक वर्ग सिंगल में एमवीआईटी के शक्ति राय और डबल्स में एसपीएमआईटी के आशीष और अतुल जीते। टेबिल टेनिस में रिजवी कालेज करारी के आरिफ हैदर विजेता रहे।
टग-ओ-वार में एसपीएमआईटी ने जीत दर्ज की। खेलों के समापन के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और डीएम राजमणि यादव ने सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर संस्थान की निदेशिका विजयश्री तिवारी, आरके लाल, नितिन श्रीवास्तव, विजय प्रकाश, सुधाकर तिवारी, रमेश अग्रहरि, मुकुंद तिवारी, अमित मिश्रा, विवेक त्रिपाठी, मायाशंकर श्रीवास्तव, अतुल सिंह, अविरल सरन, रमेश यादव आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार के बजट को आमजन के लिए कुठाराघात करार दिया है। कहा कि बजट से साफ है कि अच्छे दिन तो सिर्फ पूंजीपतियों के ही आए हैं। आम आदमी, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए तो खराब दिन आ गए हैं। कहाकि बजट में आम आदमी, गरीबों को मिलने वाली सार्वजनिक प्रणाली का जिक्र तक नहीं है। दवाइयां महंगी कर दी गई हैं। कार्पोरेट घरानों के टैक्स पांच प्रतिशत कम कर दिया गया है।
वेल्थ टैक्स खत्म करके पूंजीपतियों को लाभ दिया गया है। वहीं सर्विस टैक्स बढ़ाया गया है। जिससे सभी वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाएंगी। राज्यसभा सांसद ने पेट्रोल, डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी मोदी की नैतिक बेईमानी को दर्शाता है। जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमत घटी है। इससे देश में भी तेल के कीमतों में गिरावट आनी चाहिए। कहाकि 50 डालर प्रति बैरल तेल की कीमत होने से भारत में उपभोक्ताओं को यह 35 से 40 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए। पर, केंद्र सरकार ने सेंट्र्ल इक्साइज बढ़ाकर उसका लाभ खुद ले रखा है।