केवाईसी और बुकिंग की दिक्कतों के चलते जिले के परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। कई विद्यालयों में सिलिंडर की गैस खत्म होने पर चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। कुछ जगहों पर शिक्षक अपने घर के सिलिंडर से व्यवस्था चला रहे हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो एमडीएम व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
स्कूलों में गैस पर ही एमडीएम बनेगा। इसका पूर्व में निर्देश जारी करते हुए शासन ने लकड़ी पर खाने बनाने को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। इतना ही नहीं पूर्व में लकड़ी पर खाना बनाने पर कुछ शिक्षकों पर कार्रवाई भी हुई है। अब एक बार फिर गैस संकट के चलते शिक्षक लकड़ी पर खाना बनवा रहे हैं। खाना नहीं बनाने और चूल्हों पर बनाने, दोनों ही दशा में वह कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
इससे स्कूलों में शिक्षक डर के साथ खाना बनवाने को मजबूर है। प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तमाम स्कूलों में गैस सिलिंडर नहीं होने से परेशानी बढ़ी है। शिक्षक दोनोंं ओर से मजबूर हैं। बच्चों को भूखा नहीं रखा जा सकता। ऐसे में शिक्षक मजबूर होकर चूल्हे का सहारा ले रहे हैं।
वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक ओमदत्त त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि समस्या बरकरार रही तो शिक्षक एमडीएम बनाने का बहिष्कार कर सकते हैं। नहीं तो प्रशासन स्कूल में गैस सिलिंडर के लिए कोई विकल्प तलाश करें।
मौके पर पड़ताल के दौरान कुछ इस तरह रहा हाल :
नेवादा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सेंवथा गोपालपुर में 93 बच्चों के लिए प्रधानाध्यापिका उमा देवी घर का सिलिंडर लाकर भोजन बनवा रही हैं। वहीं कंपोजिट विद्यालय हसनपुर में 20 दिनों से लकड़ियों से चूल्हे पर खाना पक रहा है। यहां के कामर्शियल सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है।
सिराथू बीईओ के अनुसार, बीआरसी क्षेत्र के 192 स्कूलों में भी गैस सिलिंडर अंतिम चरण में है। शिक्षकों का कहना है कि बुकिंग और डिलीवरी में दिक्कत के कारण जल्द ही चूल्हे का सहारा लेना पड़ेगा।
रानीपुर में कागजात गायब, बुकिंग ठप
- महेवाघाट के कंपोजिट विद्यालय रानीपुर में गैस कनेक्शन के कागजात ही नहीं मिल रहे हैं। इससे सिलिंडर बुकिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब 90 बच्चों के भोजन के लिए लकड़ी ही सहरा बचा है।
कानेमई में लकड़ी से पक रहा भोजन
- कड़ा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय कानेमई में 11 अप्रैल से लकड़ी खरीदकर चूल्हे पर एमडीएम बन रहा है। ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने से समस्या बनी हुई है। स्कूल में 189 छात्र पंजीकृत हैं।
जो विद्यालय अपने लेटर पैड में लिखकर गैस सिलिंडर की मांग करते हैं। उनको प्राथमिकता से सिलिंडर मिल जाएगा। जहां पर कागजी कमी है। उसे भी दूर करा दिया जाएगा। इसके लिए सभी शिक्षकों को निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. कमलेंद्र कुशवाह, बीएसए
कंपोजिट विद्यालय कानेमई में चूल्हे में एमडीएम बनाती रसोईया। संवाद
कंपोजिट विद्यालय कानेमई में चूल्हे में एमडीएम बनाती रसोईया। संवाद
कंपोजिट विद्यालय कानेमई में चूल्हे में एमडीएम बनाती रसोईया। संवाद