फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीसीएफ के डायरेक्टर समेत तीन को उम्रकैद

Sun, 26 Feb 2017 12:48 AM IST
कौशाम्बी ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सैनी कोतवाली के बहुचर्चित सियालाल मिश्र हत्याकांड में 23 साल बाद अदालत ने पीसीएफ के डायरेक्टर सुघर सिंह समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके  साथ ही सभी पर 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पर फैसला होने के बाद सभी आरोपियों को पुलिस ने जिला कारागार भेज दिया है। सुघर सिंह इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन


अभियेाजन के अनुसार सैनी कोतवाली के शाखा निवासी ब्रम्हदीन मिश्र ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि गांव के ही ब्रम्हदेव जूनियर हाईस्कूल गुरु का पुरा का प्रबंधक उसका भतीजा था, जबकि अध्यक्ष गांव के ही अर्जुन सिंह थे। अर्जुन सिंह आदि गांव के ही राम सागर सिंह को प्रबंधक बनाना चाहते थे। चार जुलाई 1994 को विद्यालय पर कब्जा करने की नीयत से सपा नेता राम सागर सिंह, शिव सागर सिंह, पीसीएफ के डायरेक्टर व इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन सुघर सिंह, राजेंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह, रामशिवलोचन, बालेंद्र , कल्लू पांडेय, अव्वल मियां, पवन कुमार ने उसके चचेरे भाई सियालाल मिश्र के निजी नलकूप पर धावा बोला और कुर्सी मेज ले जाने लगे। विरोध करने पर सियालाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने विवेचना के बाद सुघर सिंह, राजेंद्र सिंह, पवन कुमार, राम सागर सिंह व शिव सागर सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) रामचंद्र यादव की अदालत में हुई।


शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने वादी समेत एक दर्जन से अधिक गवाहों को पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोपी सुघर सिंह, राजेंद्र सिंह व पवन कुमार पर आरोप साबित हुआ। सभी को आजीवन कारावास  के साथ ही 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में राम सागर सिंह व शिव सागर सिंह पर दोष सिद्ध नहीं हुआ। शिव सागर सिंह की वर्ष 2005 में हत्या हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें