मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बुधवार को चार विकास खंडों में 42 जोड़े दाम्पत्य सूत्र के बंधन में बंध गए। चारों विकास खंडों में भव्य समारोह में कार्यक्रम विवाह संपन्न हुए।
समारोह में कोरोना के खतरे को देखते हुए कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। मंझनपुर विकास खंड में आयोजित विवाह समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कन्यादान करने के साथ ही गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने जा रहे नव दंपती के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सदर विकास खंड में आयोजित सामूहिक विवाह में जिले के प्रभारी मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि अमीर व गरीब के बीच खाई पाटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। इससे गरीब की बेटियों की शादी भी धूमधाम से हो रही है।
कहा कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से तमाम सारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। एक पंडाल के नीचे बेटियों का कन्यादान करने में खुशी हो रही है। उन्होंने कहा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह समारोह में पुरोहितों ने जो सात वचनों का जिक्र किया है, उसे नव दंपती अमल में लाएं।
पति-पत्नी एक साइकिल के दो पहिए होते हैं। एक के बिना साइकिल अधूरी रहती है। इस दौरान मंझनपुर में दस जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ। साथ ही नेवादा, कड़ा में व सरसवां विकास खंड में मिलाकर 42 नव दंपती का विवाह कराया गया।
मंझनपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी, डीएम अमित कुमार सिह, पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मुख्य विकास अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री व जिलाध्यक्ष की तरफ से हर नव दंपती को मोबाइल व मिठाई उपहार स्वरूप भेंट की गई।
बेटी के खाते में भेजे गए 35 हजार
जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि दाम्पत्य सूत्र में बंधने वाली प्रत्येक बेटी के खाते में 35 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपये में नव दंपती को उपहार स्वरूप बर्तन, जेवर, कपड़े आदि प्रदान किए गए। शादी समारोह को भव्य बनाने के लिए छह हजार रुपये प्रत्येक जोड़े पर सरकार की तरफ से खर्च किए गए।
उम्र भर याद रहेगी नव दंपती की अनूठी, अलबेली शादी
बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक-दूसरे के जीवन साथी बने दूल्हा-दुल्हन के लिए उनका विवाह अनूठा व अलबेला रहा। कोविड-19 के खतरे को लेकर विवाह मंडप में बैठे वर व कन्या को मास्क लगाना अनिवार्य किया गया था। रिश्तेदार अपने मोबाइल में उनकी तस्वीर भी नहीं खींच पा रहे थे। इसके अलावा समारोह में पहुंचे वर व कन्या पक्ष के रिश्तेदारों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई।
कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही प्रदेश सरकार ने सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन को मंजूरी दे दी थी। इस बार ब्लॉक स्तर पर विवाह के आयोजन कराए गए। मंझनपुर स्थित विकास खंड कार्यालय को आयोजन स्थल बनाया गया था।
यहां पर डॉ. अरुण केसरवानी के नेतृत्व में सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम डट गई थी। जिन लोगों को कोरोना की जांच करानी थी, उन्हें यहां एंटीजन किट से जांच की सुविधा प्रदान की गई। कार्यक्रम स्थल में बैठने वाले लोगों का हाथ सैनिटाइज कराने के साथ ही सभी को मास्क पहनने के लिए दिया गया।
पंडाल में बिना मास्क के किसी को भी जाने की इजाजत नहीं थी। विवाह के वक्त दूल्हा व दुल्हन भी मास्क लगाकर बैठे रहे। इसकी वजह से उनकी तस्वीरें कैमरे में कैद नहीं हो रही थी। कुछ रिश्तेदारों ने सेल्फी लेनी चाही, लेकिन नव दंपती ने उन्हें बिना मास्क के फोटो खींचने से मना कर दिया।
माननीयों से आशीर्वाद ले नई गृहस्थी बसाने गए नव दंपती
कोरोना के खतरे को लेकर जिले के आठ विकास खंड में से सिर्फ कड़ा, मंझनपुर व नेवादा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आयोजन का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें कड़ा विकास खंड में सिराथू विधायक शीतला प्रसाद ने सभी नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर एडीओ समाज कल्याण अशरफ अंसारी, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण केसरवानी, अनिल शर्मा, राम सिंह, विमल प्रकाश, अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सरसवां विकास खंड में सदर विधायक लालबहादुर ने नव दंपती को आशीर्वाद दिया। इस दौरान बीडीओ देवकुमार, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अकबर सिंह आदि लोग मौजूद रहे। प्रमुख प्रतिनिधि ने अपनी तरफ से नव दंपती को एक हजार रुपये नकद उपहार स्वरूप प्रदान किए।
मुस्लिम जोड़ों का नहीं था रजिस्ट्रेशन
जिले के चारों विकास खंड में मुस्लिम परिवारों का पंजीयन नहीं था। नतीजतन जिन लोगों की सामूहिक विवाह समारोह में शादी हुई, उसमें एक भी मुस्लिम जोड़ा नहीं था। समाज कल्याण विभाग के सूत्रों की माने तो जिले के आठ विकास खंड से सौ से ज्यादा आवेदन आए थे। जांच के बाद कुछ आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए हैं। कोरोना के खतरे को लेकर एक साथ पंजीकृत सभी जोड़ों को नहीं बुलाया गया था।
Mass marriage: 42 couples of a couple in Doaba.- फोटो : KAUSHAMBI
Mass marriage: 42 couples of a couple in Doaba.- फोटो : KAUSHAMBI