पति की हरकतों से क्षुब्ध होकर एक विवाहिता ने शुक्रवार को मायके में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पइंसा कोतवाली के जगन्नाथपुर गांव के शारदा प्रसाद ने अपनी बेटी मंजू उर्फ नथिया (25) की शादी सैनी क्षेत्र के केन भौंतर निवासी रोशनलाल के साथ पांच साल पहले की थी। रोशन मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है।
कोरोना के कारण रोशन कई महीने से गांव में ही है। पखवाड़े भर पहले उसने पत्नी मंजू को मायके जगन्नाथपुर भेज दिया था। शुक्रवार की दोपहर मायके वाले खेतों की तरफ गए थे। तभी मंजू ने घर के अंदर धन्नी से गमछे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। खेत से लौटे मायके वालों ने बेटी की फांसी पर लटकती लाश देखी तो सन्न रह गए।
शोरगुल सुन पड़ोसी इकट्ठा हो गए। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता ने बताया कि शादी के कुछ दिन बाद से ही मंजू के प्रति पति का व्यवहार अच्छा नहीं रहता था। वह किसी दूसरी महिला के चक्कर में आकर पत्नी को दूर रखने की कोशिश में रहता था। ज्यादातर मंजू मायके में ही रहती थी। आरोप लगाया कि पति के व्यवहार से क्षुब्ध होकर ही मंजू ने जान दी है। फिलहाल पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।