सरायअकिल थाना क्षेत्र के कनैली चौराहे के समीप स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान मूक बधिर विवाहिता की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सरायअकिल निवासी रीना देवी (30) पत्नी रविंद्र जायसवाल 10 दिन पहले अपने मायके जुगराजपुर आई थीं। इसी दौरान विवाहिता बुखार की शिकार हो गई। तीन-चार दिन तक गांव में दवा कराने के बाद भी आराम न मिलने पर परिजन उसे कनैली चौराहा स्थित निजी क्लीनिक ले गए। परिजनों के मुताबिक, रविवार को जैसे ही ग्लूकोज चढ़ना शुरू हुआ, विवाहिता की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि डॉक्टर घबरा गया और विवाहिता को क्लीनिक से रेफर कर दिया। ऐसे में परिजन उसे सरायअकिल स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पति रविंद्र जायसवाल ने पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच की मांग की है।
इधर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुक्तेश द्विवेदी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही टीम भेजी गई है। जांच में अगर क्लीनिक संचालक की गलती पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में तमाम क्लीनिक हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन एक ही अस्पताल का है। सरायअकिल थानाध्यक्ष वीरेश सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिकार्ड में एक, संख्या 35 के पार
मंझनपुर। कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में निजी अस्पतालों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में सिर्फ एक की है। जबकि क्षेत्र में 35 से अधिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की हर प्रमुख बाजार व चौराहों पर कोई न कोई अस्पताल या पॉली क्लीनिक हैं, जो बिना किसी पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं।
- घटना की जानकारी के बाद जांच टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
रीना देवी, फाइल फोटो।