पूरबशरीरा कस्बे में शुक्रवार की रात विवाहिता ने पति की लाइसेंसी राइफल से घर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनते ही बेटा और पति मौके पर पहुंचे। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
महेवाघाट के पचामा निवासी करन सिंह करीब 15 वर्ष से पश्चिमशरीरा कस्बे में रह रहे थे। घर में उनकी पत्नी संगीता देवी (42), बेटा धैर्य प्रताप सिंह (11) के अलावा कोई अन्य नहीं था। शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे गोली की आवाज सुनकर पास के कमरे में सो रहे करन और उनके बेटे की नींद खुल गई। इसी बीच पड़ोसी भी गोली की आवाज सुनकर घर पहुंच गए। कमरे के अंदर देखा तो संगीता का शव पड़ा था और पास में लाइसेंसी राइफल पड़ी थी। चारों ओर खून फैला था।
करन सिंह अन्य लोगों की मदद से संगीता को उठाकर मेडिकल कॉलेज ले गए लेकिन देर हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही पश्चिमशरीरा पुलिस ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। सूचना पर एएसपी राजेश कुमार सिंह, सीओ जेपी पांडेय, स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद राइफल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। संगीता की मौत से परिवार में रोना-पिटना मचा हुआ है।
सीने से करीब दो इंच नीचे लगी थी गोली
संगीता ने जिस राइफल से गोली मारी, वह 315 बोर की थी। गोली सीने से करीब दो इंच नीचे लगी थी। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजनों के मुताबिक, वह डिप्रेशन के कारण परेशान थी। रात में वह कोई वीडियो देख रही थी। इसी दौरान दूसरे कमरे में जाकर उसने खुद को गोली मार ली।
संगीता देवी डिप्रेशन की शिकार थी। उसका प्रयागराज में उपचार चल रहा था। इसी मानसिक स्थिति के चलते उसने पति की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- राजेश कुमार सिंह, एएसपी
पहले भी कर चुकी थी आत्महत्या का प्रयास
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि कुछ दिनों पहले भी संगीता ने अपने हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन परिजनों की सतर्कता से उसकी जान बच गई थी। एसपी ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 8 बजे संगीता ने आलमारी से राइफल निकाली थी और गोली मारने की बात कही थी। उस समय परिजनों ने उसे समझाया तो वह मान भी गई थी। इसके बाद परिजनों ने भी ध्यान नहीं दिया और सो गए। यदि राइफल का स्थान बदल दिया होता शायद घटना न होती। संभवतः देर महिला की की मानसिक स्थिति बदली और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
गांव में छाया मातम
पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में शनिवार को हुई महिला की आत्महत्या की घटना से गांव में मातम का माहौल है। करन सिंह ने अपने मकान के अगले हिस्से में सहज जन सेवा केंद्र और चश्मे की दुकान खोल रखी थी। करन सिंह के पिता अर्जुन सिंह पचामा गांव में पत्नी के साथ रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। अर्जुन सिंह की तीन संतानें हैं। सबसे बड़ी बेटी गीता की शादी फतेहपुर जिले के एक गांव में हुई है। दूसरी संतान अभिमन्यु सिंह और उनकी पत्नी मध्य प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। करन सबसे छोटे हैं।
संगीता देवी, फाइल फोटो।
संगीता देवी, फाइल फोटो।