करारी इलाके के एक गांव की एक विवाहिता परदेश से लाइलाज बीमारी लेकर लौटी। शादी के कुछ दिन बाद ही वह पति संग मुंबई चली गई थी। कुछ दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे गांव लाया गया। सोमवार को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराने पर जांच में विवाहिता लाइलाज बीमारी से ग्रसित मिली। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एसआरएन रेफर कर दिया।
दोआबा के युवा मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत आदि शहरों में कमाने के लिए जाते हैं। रोजी-रोटी कमाने परदेश गए लोग वहां से परिवार के लिए पैसों के रूप में खुशियां ला रहे हैं। पर, कई ऐसे भी हैं, जो कमाई के साथ वहां से लाइलाज बीमारी भी लेकर लौट रहे हैं। इन्हीं के बीच पति के साथ मुंबई गई एक विवाहिता भी परदेश से लाइलाज बीमारी लेकर लौटी। इसका खुलासा एड्स नियंत्रण सोसायटी ने सोमवार को जांच के बाद किया। बीमार महिला को घर वालों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने विवाहिता को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया है।
कौशाम्बी में एचआईवी पॉजिटिव महिला-पुरुष पर एक नजर
वर्ष महिला पुरुष
2010 28 23
2011 35 24
2012 27 20
2013 35 22
2014 43 34
2015 28 25
2016 14 22
2017 26 28
लॉइलाज बीमारी महिलाओं में ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड को देखें तो कौशाम्बी के दो सौ से ज्यादा पुरूष एचआईवी की जद में आ चुके हैं। साल-दर-साल एचआईवी पीड़ितों की तादात भी बढ़ती जा रही है। इनमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक है। वर्ष 2017 में जनवरी से नवंबर तक 25 महिलाएं और 24 पुरूष एचआईवी पॉजिटिव मिले थे।