मंझनपुर (ब्यूरो)। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर रामनगर गांव की एक विवाहिता पर कई साल से ससुरालियों का कहर टूटता रहा। आरोप है कि महीनेभर पहले उसे पीटकर घर से निकाल दिया गया। तभी से मायके में रह रही विवाहिता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। एसपी ने महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया।
इलाहाबाद की रहने वाली सन्नो देवी ने बताया कि करीब सात साल पहले उसकी शादी चरवा कोतवाली क्षेत्र के रामनगर गांव के कांशीराम पुत्र मैकूलाल से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग करीब 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। इसके लिए उसे कई साल तक प्रताड़ित किया जाता रहा। मारपीट के साथ भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था। वहीं महीनेभर पहले उसके ऊपर झूठे आरोप लगाकर पीटा गया। इसके बाद घर से निकाल दिया। ससुरालियों की पिटाई से घायल विवाहिता किसी तरह मायके पहुंची।
इसने घटना की सारी जानकारी घरवालों को दी। दहेज के लिए बेटी के ऊपर हुए जुल्म को सुनकर मायकेवाले सन्न रह गए। बेटी की ससुराल आकर मायकेवालों ने बातचीत की। बिरादरी की पंचायत भी बुलाई गई। आरोप है कि ससुराल के लोग बगैर 50 हजार रुपये दिए उसे घर में रखने को राजी नहीं हुए। तमाम प्रयास के बाद भी जब बात नहीं बनी, तो मंगलवार को विवाहिता मायकेवालों के साथ मंझनपुर पहुंची। एसपी को घटना की जानकारी दी। एसपी ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए महिला सहायता प्रकोष्ठ को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।