फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे जिलों और राज्यों से आने वालों की सूचना नहीं दे रहे कई प्रधान

विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे जिलों और राज्यों से आने वालों की सूचना नहीं दे रहे कई प्रधान
विज्ञापन

पश्चिमशरीरा। देश कोरोना संक्रमण को लेकर भय है। वहीं दोआबा के कई प्रधानों को सिर्फ वोट की चिंता सता रही है। वोट की लालच में वह परदेस से आने वालों की सूचना प्रशासन को नहीं दे रहे हैं। मनमानी का आलम यही रहा तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रधान, पंचायत सचिवों और लेखपालों को दूसरे जनपदों से आने वालों की सूचना संबंधित एसडीएम को देने का निर्देश दे रखा है। मंगलवार को तो डीएम ने इसके लिए गांवों में मुनादी कराने का भी निर्देश दिया। कई गांवों में मुनादी कराई भी गई। ताकि ऐसे लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा सके। डीएम का स्पष्ट निर्देश होने के बाद भी कुछ प्रधान बेपरवाही कर रहे हैं। पश्चिमशरीरा के रामअधीन का पूरा के तीन लोग पुणे में काम करते थे। 22 मार्च को गांव लौट आए हैं। इसी तरह तीन और लोग मुंबई से वापस आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक इनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों में दहशत है। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि/ पति पवन कुमार मिश्रा का कहना है कि लोग चुपचाप आते हैं। इसलिए जानकारी ही नहीं हो पाती। ऐसे ही महेवाघाट क्षेत्र के अढ़ौली गांव में एक दर्जन से अधिक लोग महाराष्ट्र और गुजरात से वापस आए हैं। इनमें कई लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया है। प्रधान आशा देवी के पति राम अभिलाष का कहना है कि वे किसी के बारे में कुछ नहीं बताएंगे। क्योंकि जल्द ही चुनाव आने वाला है। जिनके बारे में बता देंगे, वो वोट नहीं देंगे। गांव के लेखपाल रजत चौरसिया का कहना है कि उन्होंने भी ग्राम प्रधान से जानकारी चाही लेकिन, प्रधान ने नहीं दी। लोगों की मानें तो पुनवार गांव में भी तीन युवक मुंबई से वापस लौटे हैं। प्रधान प्रतिनिधि अशर्फी लाल व परिवार के लोग इनका नाम नहीं बता रहे हैं। यही हाल जनपद के अन्य कई गांवों का भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें