विकास खंड कौशाम्बी के एक गांव में दो साल पहले मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों का भुगतान आज तक नहीं हो सका है। मेहनत की कमाई पाने के लिए मजदूर पंचायत मित्र, ग्राम प्रधान और बीडीओ कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद मजदूरी का हजारों रुपया भुगतान नहीं हो सका। मेहनत की कमाई न मिलने से मजदूर परेशान हैं।
कौशाम्बी ब्लॉक के नैनुआ सलेमपुर गांव में वर्ष 2014 में मनरेगा से 120 फीट नाले की खोदाई कराई गई थी। इसमें गांव के दो दर्जन से अधिक मजदूरों ने काम किया था। काम के बाद पंचायत मित्र मनोज मिश्र ने मजदूरी भुगतान के लिए मस्टर रोल भरकर ब्लॉक में तैनात एपीओ को दिया था। एपीओ ने लापरवाही करते हुए जॉब कार्ड धारक सुग्गा लाल, फूलचंद्र, देशराज, दशरथ लाल समेत दस मजदूरों के नाम की फीडिंग ही नहीं किया। इससे मजदूरी का पैसा पास नहीं हो सका।
उधर काम करने के बाद से मेहनत की कमाई न मिलने पर मजदूर पंचायत मित्र, ग्राम प्रधान और ब्लॉक में तैनात खंड विकास अधिकारी से लगातार अपनी फरियाद करते चले आ रहे हैं। दो साल बीत जाने के बाद भी नाला खोदाई की मजदूरी का भुगतान नहीं होने से मजदूर परेशान हैं। मजदूरों ने मामले की शिकायत मनरेगा आयुक्त से भी की थी लेकिन उन्होंने भी एपीओ की लापरवाही को आज तक संज्ञान में नहीं लिया। इसके चलते मजदूरी भुगतान को लेकर मजदूर भटक रहे हैं।
नैनुआ सलेमपुर गांव के कुछ जॉब कार्डधारकों की मजदूरी बकाया है यह शिकायत मजदूरों ने की है। मामले में एपीओ को मस्टर रोल के मुताबिक फीडिंग कराने को कहा गया है। मामले में क्या प्रगति हुई इसकी जानकारी एपीओ ने अभी तक नहीं दी है। जल्द ही मजदूरी का भुुगतान किया जाएगा।
कमलेश कुमार, बीडीओ कौशाम्बी