सैनी कोतवाली के सौराई गांव निवासी राकेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने परिवार की जमीन का वसीयत करा लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दीपक जायसवाल की अदालत ने शुक्रवार को दोषी पाते हुए राकेश कुमार को सात वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला 2017 का है। अभियुक्त की रिश्तेदार पीड़िता राजू देवी ने आरोप लगाया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को राकेश पांडेय ने फर्जी वसीयत तैयार कर अपने नाम दर्ज करा लिया। इस पर राजू देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अर्जी दाखिल की थी। न्यायालय ने वाद को परिवाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई प्रारंभ की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों और दस्तावेज साक्ष्यों को प्रस्तुत किया, जिन्हें अदालत ने विश्वसनीय माना। सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त राकेश पांडेय को दोषी ठहराते हुए सात साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी राकेश पांडेय लगभग चार वर्षों से जेल में निरुद्ध है।