मंझनपुर। हकीमपुर में आयोजित कैंप से बगैर दवा के घर वापस लौटना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर दवा की व्यवस्था नहीं कराई जा सकी है। दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर शिविर आयोजित किया गया था। इसमें रसूलपुर सोनी, पल्टीपुर, बकेलीपर, कबरहा, मझियारी, मलकिया और हकीमपुर गांव के कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की कराई। संस्था सचिव परवेज रिजवी का दावा है कि 200 बच्चों ने जांच की है।
दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर से शनिवार को विकास खंड कौशाम्बी के हकीमपुर गांव में कैंप आयोजित किया गया। संस्था सचिव परवेज रिजवी ने बताया कि कैंप में रसूलपुर सोनी, भागू का पुरवा, कबरहा, मझियारी, पल्टीपुर, बकेली, मलकिया और हकीमपुर के कुपोषित बच्चों बुलाया गया था। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल के डॉ. एसके ठुकराल, डॉ. ज्ञान सिंह, और सीएचसी कौशाम्बी के निकहत जमाल, डॉ. फिरदौस ने कुपोषित बच्चों की जांच की। कैंप में 200 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। संस्था सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप में दवा का इंतजाम नहीं किया गया था।
इससे बच्चों का इलाज नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि कैंप की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अस्पताल अधीक्षकों को पहले से ही दी गई थी। इसके बाद दवा मुहैया नहीं कराई जा सकी है। कार्यक्रम में संस्था सचिव ने 18 वर्ष से कम उम्र के लड़कियों की शादी नहीं करने, जच्चा, बच्चा को समय टीकाकरण कराने को कहा। उन्हांने परिजनों को कुपोषण से बच्चों को बचाने के लिए गांव में सुलभ चना, बथुआ, सरसो, पालक, मेथी आदि का इस्तेमाल करने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रधान संतोष कुमार, पूर्व प्रधान सुंदरलाल, बड़ेलाल, मोहम्मद रेहान, वसीअहमद, अमृतलाल, शिव सिंह, दूधनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।