फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आशियाना बना मातृ शिशु केंद्र

Fri, 26 Dec 2014 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन
मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की अनदेखी से फरीदपुर सुलेम गांव में बना मातृ-शिशु केंद्र मजदूरों का आशियाना बन गया है। खाली पड़े केंद्र में आकर टावरकर्मी रहने लगे हैं। वहीं स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति नहीं होने से आसपास के गांव की प्रसूताओं और छोटे-छोटे बच्चों को टीका लगवाने के लिए भी भटकना पड़ रहा है। मामले में प्रभारी सीएमओ डॉ. बीएल जायसवाल नेेेेेेेे बताया कि फिलहाल उन्हें ऐसी कोई जानकारी है। जांच कराकर केंद्र को खाली कराकर वहां महिला कर्मचारी की तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन


बता दें कि चायल तहसील क्षेत्र के फरीदपुर सुलेम गांव में वर्ष 2006 में मातृ-शिशु केंद्र की स्थापना की गई थी। आठ साल पहले लाखों रुपये की लागत से बने इस केंद्र में अब तक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। इससे कारण केंद्र का भवन बदहाल पड़ा है। इतना ही नहीं खाली पड़े इस केंद्र पर करीब दो साल से निजी मोबाइल कंपनी के टावर में काम करने वाले मजदूरों ने अपना ठिकाना बना रखा है।

मजूदर इसी केंद्र में रहने लगे हैं। इधर, केंद्र में महिला स्वास्थ्य कर्मी की नियुक्ति नहीं किए जाने का खामियाजा फरीदपुर सुलेम और आसपास के अन्य गांव की प्रसूताओं और छोटे-छोटे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। प्रसूताओं और बच्चों को टीका आदि लगवाने के लिए तीन किलोमीटर दूर चायल पीएसची जाने की समस्या झेलनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान दशरथलाल ने बताया कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की। साथ ही मातृ-शिशु केंद्र को खाली करवाने का प्रयास भी किया।
विज्ञापन


पर, विभागीय मदद नहीं मिलने से अब भी केंद्र में मजदूर ही रहते हैं। मामले में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएल जायसवाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जांच कराकर केंद्र को खाली कराया जाएगा। साथ ही वहां महिला स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति भी कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें